देश की खबरें | लगातार बारिश के कारण पंजाब-हरियाणा के कुछ इलाकों में भीषण बाढ़ के हालात

चंडीगढ़, 10 जुलाई पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में सोमवार को लगातार तीसरे दिन भारी बारिश के कारण भीषण बाढ़ के हालात हैं। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में सुबह से ही बारिश हो रही है। स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य में 13 जुलाई तक स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के कारण राज्य में कुछ जगहों पर बाढ़ के मद्देनजर लोगों से नहीं घबराने की अपील की है।

मोहाली और रूपनगर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे मान ने पंजाबी में एक ट्वीट कर कहा कि सरकार लोगों के साथ है और उन्हें हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी।

मान ने संवाददाता को बताया कि संकट की इस घड़ी में हमारे सभी मंत्री, विधायक और अधिकारी मौके पर और लोगों के साथ हैं।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने ट्वीट कर कहा कि राज्य में लगातार हो रही बारिश और छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने 13 जुलाई तक सभी स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं।

हाल ही में पंजाब और हरियाणा के बारिश से कुछ सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए थे।

मोहाली, पटियाला, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पंचकूला और अंबाला दोनों राज्य के कुछ सर्वाधिक प्रभावित जिलों में से हैं।

लगातार हो रही बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने सभी पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई।

मुख्य सचिव संजीव कौशल की मौजूदगी में हुई बैठक में उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से हालात का जायजा लिया।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री खट्टर ने बाद में सभी उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक भी की।

मनाली में हरियाणा के कुछ निवासियों के फंसे होने की रिपोर्ट के बाद खट्टर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से भी बात की। उन्हें बताया गया कि सभी सुरक्षित हैं।

दोनों राज्यों के कुछ स्थानों पर रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। अधिकारियों ने लोगों को निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए बचाव अभियान चलाया।

हरियाणा सरकार ने भी परामर्श जारी कर लोगों से सावधानी बरतने और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलने को कहा है।

राजपुरा शहर में सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के तटबंध में दरार आने से जलस्तर बढ़ जाने के मद्देनजर पटियाला जिला प्रशासन ने सेना से सहायता मांगी है।

अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के कुछ अन्य हिस्सों में सेना को सतर्क कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजपुरा में एक निजी अस्पताल में पानी घुसने से मरीजों को दो अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के रूपनगर में कमालपुर के पास सिसवन नदी के तटबंध टूट गए हैं। साथ ही कई सहायक नदियों और छोटी नहरों के तटबंधों में भी दरारें आ गई हैं।

पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में खेतों में पानी भर जाने से फसल को भी नुकसान पहुंचा है।

सतलुज और घग्गर नदी के आसपास की भूमि जलमग्न हो गई है। पंजाब और हरियाणा में कुछ स्थानों पर पानी घरों में घुस गया और कुछ स्थानों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण दोनों राज्यों के प्रमुख सड़क मार्गों पर भारी यातायात जाम की स्थिति है।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पटियाला में बाढ़ का पानी राजपुरा थर्मल पावर प्लांट के परिसर में घुस गया, जिससे संयंत्र की 700 मेगावाट की एक इकाई को बंद करना पड़ा।

पंजाब सरकार ने बढ़ते संकट से निपटने के लिए सेना से अतिरिक्त सहायता का अनुरोध किया।

दोनों राज्यों में कुछ स्थानों पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमें भी तैनात की गईं।

पटियाला की उपायुक्त साक्षी साहनी ने कहा कि बाढ़ का पानी रविवार को राजपुरा में एक निजी अस्पताल के परिसर में घुस गया था, जिससे मरीजों को अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करने की जरूरत पड़ गई।

उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, जिले के एक निजी विश्वविद्यालय के लगभग 800 छात्रों को सेना की सहायता से सफलतापूर्वक बचाया गया।

हरियाणा के अंबाला जिले में में प्रशासन ने नदियों और नहरों में उफान के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों ने सेना और एनडीआरएफ की सहायता मांगी है।

अंबाला में मारकंडा, टांगरी और घग्गर समेत सभी नदियां खतरे के निशान को पार कर गईं।

अंबाला के उपायुक्त कार्यालय में भी पानी भर गया था और अधिकारी को अपने आवास में कैंप कार्यालय से ही काम करना पड़ा। कुछ अन्य कार्यालयों में भी यही स्थिति देखने को मिली।

अंबाला जिले के कई इलाकों में पानी भर गया है और क्षेत्र में भारी बारिश के बाद नरवाना और एसवाईएल नहर के तटबंध में दरारें आ गई हैं।

अंबाला जिले में हमीदपुर मोड़ के पास अंबाला-यमुनानगर रोड पर पानी के बहाव के कारण एक बस पलट गई, लेकिन पुलिस ने सभी 27 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घग्गर नदी के पास स्थित मनमोहन नगर सहित अंबाला शहर के कुछ इलाके बाढ़ के पानी में डूब गए।

अधिकारियों ने बताया कि नरवाना नहर खतरे के निशान तक पहुंच गई है। नरवाना नहर भाखड़ा नहर की शाखा है। बिशनगढ़, इस्माइलपुर समेत कई गांवों में नरवाना नहर के तटबंध में दरार आने से बाढ़ आ गई है।

हरियाणा और पंजाब सीमा से होकर गुजरने वाली टांगरी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। तटबंध क्षेत्र में बने सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ जाकर टांगरी नदी के आसपास के क्षेत्रों का मुआयना किया।

लुधियाना में सोमवार को जिला प्रशासन, सेना और पुलिस के ठोस प्रयासों से दोराहा नदी के तटबंध की दो दरारों को सफलतापूर्वक भर दिया गया।

लुधियाना जिला प्रशासन के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम गांवों के बाढ़ प्रभावित निवासियों को राहत प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’’

लोगों की मदद के लिए हरियाणा और पंजाब में बाढ‍़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण यमुना नदी के हथिनी कुंड बैराज पर जल स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे यमुना से सटे निचले इलाकों में लोगों को नदी के तटीय हिस्से से दूर रहने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि सोमवार को सुबह आठ बजे बैराज से 2.79 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

चंडीगढ़, पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, करनाल, कुरूक्षेत्र समेत हरियाणा के अन्य स्थानों पर भारी बारिश हुई, वहीं पंजाब के फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, रूपनगर और पटियाला में भी यही हाल है।

चंडीगढ़ में भी पिछले तीन दिनों के दौरान रिकॉर्ड बारिश हुई और कुछ सड़कें बारिश के पानी से भर गईं।

यहां सुखना झील के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सोमवार को दो ‘फ्लड गेट (पानी का बहाव रोकने का दरवाजा) खोल दिए गए।

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