जरुरी जानकारी | डीपीआईआईटी ई-वाणिज्य कंपनियों के साथ करेगा बैठक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने बुधवार को ई-वाणिज्य कंपनियों की बैठक बुलायी है। यह बैठक ऐसे समय बुलायी गयी है कि जब घरेलू व्यापारियों ने ई-वाणिज्य कंपनियों के जरिये बिकने वाले प्रत्येक उत्पाद पर उस देश का नाम लिखने को अनिवार्य करने की मांग की है जहां उसका विनिर्माण हुआ है।
नयी दिल्ली, 23 जून उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) ने बुधवार को ई-वाणिज्य कंपनियों की बैठक बुलायी है। यह बैठक ऐसे समय बुलायी गयी है कि जब घरेलू व्यापारियों ने ई-वाणिज्य कंपनियों के जरिये बिकने वाले प्रत्येक उत्पाद पर उस देश का नाम लिखने को अनिवार्य करने की मांग की है जहां उसका विनिर्माण हुआ है।
अमेजन, फ्लिपकार्ट स्नैपडील,पेपरफ्राई और ईबे समेत अन्य ई-वाणिज्य कंपनियों के प्रतिनिधि बैठक में शमिल होंगे। बैठक वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये होगी।
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घरेलू व्यापारियों के संगठन ‘कान्फेडरेश्न ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स’ (कैट) ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्राल से प्रत्येक ई-वाणिज्य पोर्टल के लिये उन वस्तुओं के विनिर्माण वाले देश के नाम का जिक्र करना अनिवार्य करने का आग्रह किया है जो उनके मंच से बिकता है। उसका कहना है कि इसके आधार पर खरीदार सोच-समझकर निर्णय कर सकेंगे।
एक सूत्र ने बताया कि यह मुद्दा बैठक में उठ सकता है।
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कैट महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का दावा है कि ज्यादातर ई-वाणिज्य कंपनियां चीनी सामान बेच रही हैं और ग्राहकों को तथ्य के बारे में जानकारी नहीं है।
संगठन ने भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान शुरू किया है।
उल्लेखनीय है कि सरकारी खरीद पोर्टल जीईएम ने मंगलवार को उसके मंच पर सामान बेचने को इच्छुक बिक्रेताओं के लिये वस्तुओं पर उस देश के नाम का जिक्र करना अनिवार्य कर दिया है, जहां उसकी उत्पत्ति हुई है। साथ ही उन्हें यह भी बताना होगा कि वस्तुओं में स्थानीय उत्पादों का प्रतिशत कितना है। इसका मकसद देश में विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
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