देश की खबरें | दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या का मामला: पति की जमानत याचिका खारिज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल उच्च न्यायालय ने दहेज न मिलने पर कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण एक महिला के आत्महत्या करने के मामले में गिरफ्तार उसके पति को जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
कोच्चि, आठ अक्टूबर केरल उच्च न्यायालय ने दहेज न मिलने पर कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण एक महिला के आत्महत्या करने के मामले में गिरफ्तार उसके पति को जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।
आयुर्वेद चिकित्सा की छात्रा विस्मया का शव कोल्लम जिले के सस्थमकोट्टा में इस साल 21 जून को उसके पति एस किरण कुमार के घर के स्नानगृह में लटका पाया गया था।
विस्मया के माता-पिता और भाई ने आरोप लगाया है कि कुमार ने अपनी पत्नी को प्रताड़ित किया। किरण एक सहायक मोटर वाहन निरीक्षक के तौर पर कार्यरत था, लेकिन उसकी पत्नी के आत्महत्या करने के बाद लोगों की नाराजगी के कारण उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।
न्यायमूर्ति एम आर अनिता ने कुमार की जमानत याचिका खारिज करते हुए टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता के खिलाफ दहेज के कारण मौत का गंभीर आरोप दर्ज है और दहेज एक सामाजिक बुराई है।
अदालत ने अभियोजन की यह दलील स्वीकार करते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी कि यदि उसकी जमानत मंजूर कर ली गई, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है और सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है।
अदालत ने यह फैसला लेने से पहले याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों की प्रकृति और गंभीरता का भी आंकलन किया। याचिकाकर्ता पर आरोप है कि विस्मया को दहेज के लिए इतना प्रताड़ित किया गया कि उसने विवाह के 13 महीने के भीतर ही आत्महत्या कर ली। कुमार को 22 जून को गिरफ्तार किया गया था और वह तभी से जेल में है।
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