देश की खबरें | कर्मचारियों को दीवाली की खुशी से वंचित न करें : अदालत ने नगर निगम से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम को नौ हजार शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान करने का निर्देश देते हुए मंगलवार को कहा कि दीपावली नजदीक है और कोई भी कर्मचारी त्योहार की खुशी से वंचित नहीं रहना चाहिए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 29 सितंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम को नौ हजार शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान करने का निर्देश देते हुए मंगलवार को कहा कि दीपावली नजदीक है और कोई भी कर्मचारी त्योहार की खुशी से वंचित नहीं रहना चाहिए।

निगम के अधिवक्ता ने अदालत को सूचित किया कि आठ सितंबर को नगर निगम अपने शिक्षकों को जून का वेतन जारी कर चुका है।

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दिल्ली सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि सरकार ने तीन सितंबर को उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 98.35 करोड़ रुपये जारी किए हैं और यह राशि शिक्षकों के सितंबर तथा अक्टूबर के वेतन को पूरा करेगी।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा, ‘‘यह न भूलें कि दीवाली का त्योहार नजदीक है। हम आपको (निगम) किसी भी कर्मचारी को उत्सव की खुशी से वंचित नहीं करने देंगे।’’

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पीठ ने कहा कि अनेक लोग कोविड-19 महामारी के चलते पहले से ही अवसाद में हैं।

अदालत ने साथ ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम से कहा कि वह शिक्षकों को अन्य महीनों के बकाया वेतन का भुगतान करे।

निगम के वकील ने कहा कि वह इस संबंध में निर्देश प्राप्त करेंगे कि क्या नगर निगम को दिल्ली सरकार की ओर से राशि मिल गई है और क्या वह वेतन जारी करने के मुद्दे पर काम कर रहा है।

अदालत ने नगर निगम को इस संबंध में स्थिति रिपोर्ट दायर करने को कहा और मामले को पांच नवंबर को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

पीठ उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों में नियोजित शिक्षकों के बकाया वेतन के वितरण के संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

उच्च न्यायालय ने अखिल दिल्ली प्रथमिक शिक्षक संघ द्वारा उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई के बाद जून में जनहित याचिका संबंधी कार्यवाही शुरू की थी। इसमें अधिकारियों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि वे शिक्षकों के वेतन का भुगतान करें जो मार्च में देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद से बकाया है।

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