ताजा खबरें | आर्थिक स्थिति चर्चा दो रास

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उन्होंने कहा कि हम अपने देश में तो लोगों को रोजगार नहीं दे पा रहे हैं और ऊपर से कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने यहां आ कर गरीबों का रोजगार छीन लिया है। उन्होंने कहा ‘‘हमारे युवा डेमोग्राफिक डिविडेंट (जनांकिकीय लाभ) हैं लेकिन हालात देख कर डर लगता है कि कहीं वे डेमोग्राफिक डिजास्टर (जनांकिकीय संकट) न बन जाएं।’’

उन्होंने कहा कि हम अपने देश में तो लोगों को रोजगार नहीं दे पा रहे हैं और ऊपर से कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने यहां आ कर गरीबों का रोजगार छीन लिया है। उन्होंने कहा ‘‘हमारे युवा डेमोग्राफिक डिविडेंट (जनांकिकीय लाभ) हैं लेकिन हालात देख कर डर लगता है कि कहीं वे डेमोग्राफिक डिजास्टर (जनांकिकीय संकट) न बन जाएं।’’

मित्तल ने कहा कि शिक्षा पर हमारे देश में जीडीपी का 3.5 फीसदी खर्च किया जाता है जिसे बढ़ा कर पांच प्रतिशत या अधिक करना चाहिए।

बीजू जनता दल के सुजीत कुमार ने कहा कि कोविड काल में भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रही और हम तेजी से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जो स्थिति है उससे साफ है कि 2047 में अमृत काल की समाप्ति तक हम विकसित देश बन चुके होंगे।’’

उन्होंने कहा कि लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है क्योंकि ये व्यापारी किसी गिनती में भले ही न आ पाएं लेकिन देश की अर्थव्यवस्था में उनका बहुत बड़ा योगदान होता है।

कुमार ने कहा कि युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार बहुत जरूरी है और इस पर ध्यान देना होगा वरना हमारी युवा आबादी के बर्बाद होने के जिम्मेदार हम ही होंगे। उन्होंने शिक्षा पर अधिक जोर देने और शिक्षा के लिए बजट बढ़ाए जाने तथा अधिकाधिक संख्या में रोजगार सृजित किए जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा ‘‘महिलाओं का सशक्तीकरण बहुत जरूरी है जिसके बिना विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।’’

उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए समुचित उपाय करने होंगे वरना आने वाले समय में जब जलवायु परिवर्तन की वजह से चुनौतियां बढ़ेंगी तब हमारा अहम कृषि क्षेत्र सबसे पहले इसके निशाने पर आएगा।

कुमार ने कहा कि ‘‘जय जवान, जय किसान’’ के साथ साथ हमें ‘‘जय अनुसंधान’’ पर भी ध्यान देना होगा क्योंकि विकास के लिए और आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए ‘‘आर एंड डी’’ बेहद जरूरी है।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वी विजयसाई रेड्डी ने कहा कि बीते दस साल में भारत गहरे आर्थिक बदलाव के दौर से गुजरा है और हम दुनिया में दसवीं सर्वाधिक जीडीपी से बढ़ कर पांचवी सर्वाधिक जीडीपी बन गए और अगले पांच साल में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह स्थिति तब है जब कोविड काल के बाद दुनिया मंदी की गिरफ्त में आ गई। लेकिन भारत मजबूत स्थिति में रहा और पिछले साल हमारी जीडीपी 7.2 थी।’’

उन्होंने कहा कि इसमें कर संग्रह का अहम योगदान है। इस साल अप्रैल से सितंबर तक कर संग्रह में 18 फीसदी की वृद्धि हुई। इसी तरह जीएसटी संग्रह भी बढ़ा है जिससे पता चलता है कि सरकार की अर्थ नीति कितनी सोच-समझ कर बनाई गई है।

रेड्डी ने कहा कि लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि अमीर अधिक अमीर होते जा रहे हैं और गरीबों की गरीबी बढ़ रही है। शीर्ष दस प्रतिशत अमीरों के पास देश की 60 फीसदी संपत्ति और सबसे निचले तबके की छह प्रतिशत आबादी के पास केवल दस फीसदी संपत्ति है।

उन्होंने कहा कि पहली बार रूपये का अवमूल्यन चिंताजनक स्तर पर पहुंचा और इस पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि विनिर्माण के क्षेत्र में धीमी होती दर भी परेशान करने वाली है और इसका कारण रुपये का तीव्र अवमूल्यन है क्योंकि भारत कच्चे माल का बड़ा आयातक है।

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