जरुरी जानकारी | डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों को प्रलोभन देकर ग्राहक नेटवर्क खड़ा करने की छूट नहीं होगी’

नयी दिल्ली, पांच जुलाई ग्राहकों को सीधे सामान बेचने वाली एमवे और टपरवेयर जैसी कंपनियों को ग्राहकों का बहुस्तरीय नेटवर्क यानी पिरामिड बनाने तथा असामान्य लाभ की पेशकश की अनुमति नहीं होगी। सरकार ने ऐसी कंपनियों के नियमन और ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिये नियमों का मसौदा जारी किया है।

पहली बार, केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने उपभोक्ता संरक्षण (प्रत्यक्ष बिक्री) नियम, 2021 तैयार किया है और इस पर 21 जुलाई तक लोगों से सुझाव मांगे हैं।

इससे पहले, मंत्रालय ने 2016 में इन कंपनियों के लिये दिशानिर्देश जारी किया था। ये दिशानिर्देश परामर्श के रूप में थे। नियमों के मसौदे में प्रावधानों का उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान है।

मसौदा नियम के अनुसार ग्राहकों को सीधे सामान बेचने वाली कंपनियों को ग्राहकों का बहुस्तरीय नेटवर्क योजना तथा एक से पैसा लेकर दूसरे को देने (मनी सर्कुलेशन) की योजना को बढ़ावा देने पर पाबंदी होगी।

ग्राहकों के बहुस्तरीय नेटवर्क यानी पिरामिड से आशय योजना से एक या एक से अधिक ग्राहकों को जोड़ने से है। कोई ग्राहक जैसे-जैसे नये ग्राहक बनाता जाता है, वह नेटवर्क में ऊपर पहुंचता जाता है और उसे अतिरिक्त ग्राहक जोड़ने से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभ प्राप्त होता है।

इन कंपनियों को पंजीकरण संख्या प्राप्त करने के लिये देश के संबंधित कानून के तहत तथा उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के पास पंजीकरण कराना होगा। इन कंपनियों का भारत में कम-से-कम एक जगह कार्यालय होना जरूरी है।

मसौदा नियमों के अनुसार इन कंपनियों को अनुपालन अधिकारी, शिकायत निपटान अधिकारी तथा जांच एजेंसियों के साथ समन्वय के लिये नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा।

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