देश की खबरें | धौलाना विस्फोट : रामगंगा तट पर एक साथ 10 युवकों की अंत्येष्टि, हर तरफ चीखें
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. हापुड़ के धौलाना से आई 10 युवकों के शवों को देखकर शाहजहांपुर जिले के भंडेरी गांव में सोमवार की सुबह कलेजा मुंह को आ रहा था। जान गंवाने वाले सभी 10 युवकों का अंतिम संस्कार कोलाघाट स्थित रामगंगा नदी तट पर किया गया, तो चारों तरफ हृदय विदारक चीखें और मातम पसरा था।
शाहजहांपुर (उप्र), छह जून हापुड़ के धौलाना से आई 10 युवकों के शवों को देखकर शाहजहांपुर जिले के भंडेरी गांव में सोमवार की सुबह कलेजा मुंह को आ रहा था। जान गंवाने वाले सभी 10 युवकों का अंतिम संस्कार कोलाघाट स्थित रामगंगा नदी तट पर किया गया, तो चारों तरफ हृदय विदारक चीखें और मातम पसरा था।
हापुड़ जिले के धौलाना थाना के औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार को एक केमिकल फैक्ट्री में बॉयलर फटने से 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें शाहजहांपुर जिले के कांट क्षेत्र के भंडेरी गांव के 10 युवक शामिल थे।
भंडेरी गांव के मृतकों के शव रविवार की रात दो बजे से आने शुरू हो गए जो अलग-अलग वाहनों से सोमवार सुबह चार बजे तक गांव में पहुंचे। सुबह जिला अधिकारी उमेश प्रताप सिंह पुलिस अधीक्षक एस आनंद समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
गांव भंडेरी के सर्वेश (20), अनिल (39), भूरे (45), रामू (20), अनूप (20), प्रेमपाल (30), छविराम (30), इरफान (20), राघवेंद्र (18) तथा नूर हसन (22) के शव देखते ही उनके परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे।
इस दृश्य देखकर अधिकारियों और पुलिसकर्मियों समेत वहां उपस्थित सबकी आंखें नम थीं। अनिल, राघवेंद्र, प्रेमपाल और छविराम एक ही परिवार के थे। एक साथ चार अर्थियां निकलने से इस घर पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
रामू ने अपनी बहन "मना" की शादी तय कर दी थी और बहन की शादी के लिए ही पैसा कमाने के लिए वह हापुड़ गया था। रामू की बहन रो-रो कर कह रही थी कि "भाई हम आजीवन कुंवारे रह लेते पर तू काहे चला गया।''
मना बार-बार बेहोश हो जाती और जब भी होश में आती, तो यही शब्द उसके मुंह से निकल रहे थे। वहीं मृतक अनूप तथा सर्वेश की भी शादी पक्की हो गई थी और जल्दी ही दोनों दूल्हा बनने वाले थे, लेकिन विस्फोट में उनकी जिंदगी समाप्त हो गई।
जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने ‘पीटीआई—’ को बताया कि हम गांव भंडेरी गए थे और वहां पर बड़ा ही हृदय विदारक दृश्य था। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने के लिए तीन टीमों का गठन कर दिया है, जो गांव में रहकर कार्य कर रही हैं।
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