जरुरी जानकारी | डीजीसीए ने इंदौर प्रकरण में विस्तारा पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया

नयी दिल्ली, दो जून विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने इंदौर हवाईअड्डे पर समुचित रूप से प्रशिक्षित नहीं किए गए पायलट को भी विमान उतारने की अनुमति देने के लिए विस्तारा एयरलाइन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इस उड़ान के प्रथम अधिकारी के रूप में तैनात पायलट ने एक सिम्युलेटर में अपेक्षित प्रशिक्षण प्राप्त किए बिना विमान को इंदौर हवाईअड्डे पर उतारा था। अधिकारी ने कहा, "यह एक गंभीर उल्लंघन था जिससे विमान में सवार यात्रियों की जान को खतरा हो सकता था।"

नागर विमानन महिनिदेशालय (डीजीसीए) ने इस मामले में विस्तारा एयरलाइन को दोषी मानते हुए उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है। हालांकि यह अभी साफ नहीं हो पाया है कि इस विमान ने कहां से उड़ान भरी थी और यह घटना कब घटी थी।

किसी उड़ान के प्रथम अधिकारी के रूप में तैनात पायलट को पहले एक सिम्युलेटर में विमान उतारने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। उसके बाद ही वह यात्रियों के साथ विमान को उतारने के योग्य माना जाता है। इसके अलावा विमान के कैप्टन को भी सिम्युलेटर में प्रशिक्षण लेना जरूरी होता है।

अधिकारियों ने कहा कि कप्तान के अलावा विस्तारा की इंदौर उड़ान के प्रथम अधिकारी ने भी सिम्युलेटर में प्रशिक्षण नहीं लिया था। इसके बावजूद एयरलाइन ने प्रथम अधिकारी को हवाईअड्डे पर विमान उतारने की अनुमति दी थी।

प्रेम

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)