देश की खबरें | संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं का आना जारी, कुछ सुविधाएं स्थायी रखने का निर्णय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाकुंभ मेला भले ही समाप्त हो गया हो और साधु सन्यासी यहां से प्रस्थान कर गए हों, लेकिन शाम को दूधिया रोशनी में नहाए संगम क्षेत्र का मनमोहक दृश्य अब भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
प्रयागराज (उप्र), नौ मार्च महाकुंभ मेला भले ही समाप्त हो गया हो और साधु सन्यासी यहां से प्रस्थान कर गए हों, लेकिन शाम को दूधिया रोशनी में नहाए संगम क्षेत्र का मनमोहक दृश्य अब भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
कई ऐसे लोग हैं जो भीड़ के कारण महाकुंभ में संगम स्नान के लिए नहीं आ सके थे, वो अब आ रहे हैं। दिल्ली की डॉक्टर दीक्षा इनमें से एक हैं।
डॉक्टर दीक्षा ने बताया, “महाकुंभ में भीड़ के बारे में सुनकर हम आने की हिम्मत नहीं जुटा सके। अब यहां आए हैं और संगम में डुबकी लगाई है। बहुत अच्छा लग रहा है। एक ही कमी है कि हम नागा साधु के दर्शन नहीं कर सके।”
उन्होंने कहा कि सरकार ने संगम क्षेत्र के साथ ही प्रयागराज को बहुत खूबसूरती से सजाया संवारा है।
प्रयागराज के कर्नलगंज मोहल्ले से संगम क्षेत्र घूमने आए नीरज केसरवानी का कहना है, “हम लोग भीड़ के कारण महाकुंभ में नहीं आ सके, इसका हमें मलाल है, लेकिन अभी शाम का मौसम खुशगवार होने और संगम क्षेत्र में एलईडी लाइट लगी होने से यहां का नजारा किसी मेले से कम नहीं है।”
महाकुंभ मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में मजदूर त्रिवेणी संगम क्षेत्र, अरैल घाट और झूंसी में फैले अस्थाई शहर को समेटने में लगे हुए दिखे।
मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने ‘पीटीआई-’ को बताया, “महाकुंभ में करोड़ों की संख्या में आए श्रद्धालुओं को देखते हुए संगम क्षेत्र में कुछ सुविधाएं वर्ष पर्यंत जारी रखने का निर्णय किया गया है। इनमें ‘चकर्ड प्लेट्स’, लाइट, ‘चेंजिंग रूम’, घाटों की व्यवस्था साल भर रहेंगी।”
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