देश की खबरें | प्रतिबंध के बावजूद अफगानिस्तान के रास्ते भारत आ रहा चीनी लहसुन, मध्यप्रदेश के किसान परेशान : पटवारी

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भोपाल, 18 दिसंबर कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को कहा कि भारत में चीनी लहसुन पर स्वास्थ्य कारणों से 10 साल पहले प्रतिबंध लगा दिया गया था, लेकिन इसे अफगानिस्तान के रास्ते भारतीय बाजार में लाया जा रहा है।

पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान चीनी लहसुन की इस आमद से परेशान हैं। उन्होंने भोपाल की चोइथराम मंडी में चीनी लहसुन की आमद के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के साथ प्रदर्शन किया।

पटवारी ने कहा, "केंद्र ने 2014 में चीनी लहसुन पर इस आधार पर प्रतिबंध लगा दिया था कि यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन यही चीज अफगानिस्तान के रास्ते भारत आ रही है, क्योंकि इस पर कोई रोक नहीं है।"

उन्होंने कहा, "मध्यप्रदेश, खासकर पश्चिमी मध्यप्रदेश में किसान बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती करते हैं। लेकिन चीन से लहसुन आने के कारण इसकी कीमत में 50 फीसदी की गिरावट आई है। इस कारण राज्य के किसान अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रहे हैं।"

पटवारी ने कहा कि हजारों किसान इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के बड़े पैमाने पर हो रहे आंदोलन पर ध्यान नहीं दे रही है और उनकी मांगों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा, "एक तरफ सरकार किसानों को कोई समर्थन मूल्य नहीं दे रही है, वहीं दूसरी तरफ चीन से लहसुन की तस्करी नहीं रुक रही है। इस कारण किसानों में काफी निराशा है।"

पटवारी ने कहा कि तराना से विधायक महेश परमार ने भी भारतीय बाजार में चीनी लहसुन की अवैध आमद का मुद्दा उठाया था।

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