ताजा खबरें | दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार पर लगाया जवानों की पेंशन, महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए बजट घटाने का आरोप

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को सरकार पर आरोप लगाया कि संवेदनशीलता की बात करने वालों ने दिव्यागों, वैज्ञानिक अनुसंधान और जवानों की पेंशन के लिए बजट में कटौती कर दी है।

नयी दिल्ली, 12 फरवरी कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को सरकार पर आरोप लगाया कि संवेदनशीलता की बात करने वालों ने दिव्यागों, वैज्ञानिक अनुसंधान और जवानों की पेंशन के लिए बजट में कटौती कर दी है।

राज्यसभा में बजट 2021-22 पर चर्चा में हिस्सा ले रहे हुड्डा ने यह भी कहा कि सरकार की कथनी और करनी में हमेशा ही अंतर रहता है।

उन्होंने कहा ‘‘‘सरकार आत्मनिर्भर भारत की बात करती है, संवेदनशीलता की बात करती है.... लेकिन कुशल भारत, दिव्यागों, वैज्ञानिक अनुसंधान और जवानों की पेंशन के लिए बजट में कटौती कर दी गई है।’’

उन्होंने आरोप लगाया ‘‘70 साल में पहली बार, इस सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी उच्चतम दर पर है । इससे अमीरों और गरीबों के बीच बहुत बड़ा अंतर पैदा हो गया है। केवल एक फीसदी अमीर लोगों ने देश की 73 फीसदी संपत्ति पर कब्जा कर रखा है। 11 अमीर भारतीयों की संपत्ति में 13 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है।’’

सरकार पर किसानों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए हुड्डा ने कहा ‘‘हमें उम्मीद थी कि बजट में किसानों की समस्याओं का कुछ तो हल होगा। लेकिन इसमें तो कृषि क्षेत्र का बजट ही 8.5 फीसदी घटा दिया गया। आप तीनों कृषि कानूनों को बड़े कारपोरेट घरानों के नजरिये से देखते हैं। आखिर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी रूप देने से बच क्यों रही है।?’’

उन्होंने सरकार से किसानों के लिए पैकेज की घोषणा करने की मांग की।

हुड्डा ने जानना चाहा कि क्या तीनों नए कृषि कानून बड़े कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं।

इस पर व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा ‘‘यह भाजपा सरकार ही है जिसने स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट को लागू किया और न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए काम किया।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\