जरुरी जानकारी | दूरसंचार विभाग ने वीडियोकॉन के समाधान प्रस्ताव की मंजूरी निरस्त करने की अपील की
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नयी दिल्ली, 10 दिसंबर दूरसंचार विभाग ने कर्ज में डूबी वीडियोकॉन समूह की 13 कंपनियों के अधिग्रहण को मंजूरी देने वाले आदेश के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय पंचाट (एनसीएलएटी) में अपील की है।
दूरसंचार विभाग ने अपनी याचिका में अपीलीय पंचाट से अनुरोध किया है कि वह राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी) की मुंबई पीठ के उस आदेश को निरस्त कर दे जिसमें वीडियोकॉन समूह की 13 कंपनियों के अधिग्रहण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इन कंपनियों में दूरसंचार क्षेत्र से जुड़ी हुई वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस भी शामिल है।
एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने गत आठ जून को वीडियोकॉन समूह की 13 कंपनियों के अधिग्रहण के बारे में ट्विन स्टार टेक्नोलॉजिज के 2,962 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी।
दूरसंचार विभाग ने अपीलीय पंचाट से कहा है कि कर्ज भुगतान में चूक करने वाली दूरसंचार कंपनियों को कॉरपोरेट ऋणशोधन अक्षमता प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हुए अपनी देनदारी से बचने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
इस अपील पर अपीलीय पंचाट की तीन-सदस्यीय पीठ ने कहा कि वह एनसीएसटी के आदेश पर गत 19 जुलाई को ही स्थगन आदेश देने के साथ यथास्थिति बनाए रखने को कह चुका है। इसके साथ ही वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज का कामकाज देख रहे समाधान पेशेवर अपना काम जारी रखेंगे।
एनसीएलएटी ने कहा, "दूरसंचार विभाग की तरफ से की गई मांगों और पहले दिए जा चुके स्थगन आदेश को देखते हुए इस पर अधिक विस्तार से गौर करने की जरूरत नहीं है।" अपीलीय पंचाट इस मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी 2022 को करेगा।
इसके साथ ही उसने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज और वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस को दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने को भी कहा है।
वीडियोकॉन टेलीकम्यूनिकेशंस ने दूरसंचार लाइसेंस मिलने पर दूरसंचार विभाग को भारतीय स्टेट बैंक से 881.92 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दी थी। लेकिन कंपनी के खिलाफ एनसीएलटी में दिवाला प्रक्रिया शुरू हो जाने की वजह से इस गारंटी को भुनाया नहीं जा सका।
कर्ज समाधान योजना स्वीकृत हो जाने के बाद दूरसंचार विभाग को अपने बकाये का सिर्फ 0.12 प्रतिशत ही मिलने का अनुमान है। एनसीएलटी ने भी कहा था कि इस प्रस्ताव में कर्जदाताओं को करीब 96 फीसदी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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