राष्ट्रपति पद के लिये हुए मतदान का नौ अगस्त को आधिकारिक नतीजा आने के बाद से लगातार नौवें दिन प्रदर्शन जारी रहा। इस बीच समर्थन हासिल करने के प्रयासों के तहत लुकाशेंको हेलीकॉप्टर से एक कारखाने पहुंचे लेकिन वहां उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा और कर्मियों ने वापस जाओ के नारे लगाते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की की। सरकारी नियंत्रण वाले विभिन्न कारखानों द्वारा हड़ताल की घोषणा के बावजूद 65 वर्षीय नेता ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया है।
लुकाशेंको ने कर्मचारियों को बताया, “मैं कभी दबाव में नहीं आउंगा।”
उन्होंने कहा कि जो लोग हड़ताल पर जाना चाहते हैं जा सकते हैं।
लुकाशेंको ने कहा, “आप में से कुछ लोगों को यह मुगालता हो सकता है कि सरकार अब नहीं है, कि वह गिर चुकी है। सरकार कभी नहीं गिरेगी, आप मुझे अच्छी तरह जानते हैं। जब तक आप मुझे मार नहीं देते तब तक कोई नया चुनाव नहीं होगा।”
यह भी पढ़े | India-Nepal Talks: भारत और नेपाल के बीच अहम बैठक आज, शुरू प्रोजेक्ट की प्रगति पर होगी बात.
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर रहे हैं और चेतावनी दी कि अगर वह पद छोड़ेंगे तो देश ध्वस्त हो जाएगा।
उन्होंने प्रदर्शनकारियों के दबाव में नहीं झुकने का संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि “सोशल नेटवर्क उन्हें विषाक्त बना रहे हैं।”
बहरहाल, उन्होंने सुलह की गुंजाइश की तरफ इशारा किया कि संवैधानिक सुधारों पर चर्चा के लिये उनके विकल्प खुले हैं।
एपी
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY