देश की खबरें | दिल्ली दंगे: अदालत ने आरोपी खालिद सैफी से जेल में फोन बरामद होने संबंधी याचिका पर जबाव मांगा

नयी दिल्ली,नौ मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ के संस्थापक खालिद सैफी से दिल्ली पुलिस के उस दावे पर जवाब देने को कहा है कि उसके पास जेल में मोबाइल पाया गया था।

सैफी वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुए दंगे की कथित साजिश के जुड़े गैर कानूनी गतिविधि (निषेध) अधिनियम के एक मामले में जेल में है।

विशेष सरकारी अभियोजक अमित प्रसाद ने न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की अगुवाई वाली पीठ को बताया कि मामले में सैफी की लंबित जमानत याचिका पर एक अर्जी दाखिल की गई है,ताकि उसके ‘‘आचरण’’से जुड़े तथ्यों को दर्ज किया जा सके।

सैफी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने कहा कि मोबाइल फोन उस बैरक में पाया गया जहां वह अन्य लोगों के साथ बंद है,तथा फोन उसका नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में जेल अधिकारियों को जवाब भेजा जा चुका है।

जॉन ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के हाल के आदेश जिसमें इसी मामले में सह आरोपी देवांगना कालिता तथा अन्य आरोपियों को जमानत देने को उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा गया था,के आलोक में यह अर्जी ‘‘आरोपी के अधिकारों को प्रतिकूल रूप से प्रभवित ’’ करने के लिए दाखिल की गई है।

पीठ ने अपने आदेश में कहा,‘‘ नोटिस जारी करिए। एक सप्ताह में जवाब आने दीजिए,दस दिन बाद के लिए सूचीबद्ध कीजिए।’’

अभियोजक प्रसाद ने कहा कि आरोपी ने हाल ही में अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अंतरिम रिहाई का अनुरोध किया था,लेकिन जांच में पाया गया कि संस्कार की जो तिथियां बताई गई थीं वे गलत हैं।

जॉन ने कहा कि ‘‘बातचीत नहीं हो पाई थी’’ और तत्काल अर्जी वापस ले ली गई थी।

अदालत ने इसबीच मामले में छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम की ओर से दाखिल जमानत याचिका पर सुनवाई 18मई तक के लिए स्थगित कर दी।

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