देश की खबरें | दिल्ली पुलिस ने डकैती की घटनाओं को नाकाम करने पर नागरिकों को सम्मानित किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के बाहरी उत्तरी हिस्से में डकैती और झपटमारी की तीन अलग-अलग घटनाओं को नाकाम करके साहस का परिचय देने वाले जागरूक नागरिकों को पुलिस ने सम्मानित किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 27 फरवरी दिल्ली के बाहरी उत्तरी हिस्से में डकैती और झपटमारी की तीन अलग-अलग घटनाओं को नाकाम करके साहस का परिचय देने वाले जागरूक नागरिकों को पुलिस ने सम्मानित किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (बाहरी उत्तर) निधिन वालसन ने बताया, ‘‘उनकी त्वरित कार्रवाई और समय पर पुलिस के हस्तक्षेप से कई संदिग्धों को पकड़ने में सफलता मिली।’’
डीसीपी ने बताया कि 25 फरवरी की रात करीब नौ बजे बबीता और उनका बेटा शाहबाद डेयरी में ए-ब्लॉक मार्केट बस स्टैंड के पास थे, तभी उनके बेटे और एक स्थानीय बदमाश के बीच विवाद हो गया।
डीसीपी ने बताया, ‘‘आरोपी ने उनके बेटे पर हमला करने के बाद उसकी जेब से जबरन 1,600 रुपये निकाल लिए। इस पर बबीता ने शोर मचाया और अपने बेटे के साथ मिलकर संदिग्ध का पीछा किया। इस दौरान हुई हाथापाई में उसे चोट लग गई, लेकिन वह आरोपी को पकड़ने में कामयाब रहीं। गश्त कर रहे पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे और संदिग्ध को हिरासत में ले लिया।’’
उन्होंने बताया कि आरोपी की पहचान राहुल उर्फ मौजी के रूप में हुई है, जो आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ शाहबाद डेयरी थाने में पहले से ही 27 मामले दर्ज हैं।
अधिकारी के अनुसार, दूसरी घटना 22 फरवरी को हुई, जिसमें अलीपुर पुलिस को खेड़ा कलां गांव में गोलीबारी की सूचना मिली।
शिकायतकर्ता नरेश पारचा (65) ने बताया कि उनके रिश्तेदार बृजेश घर पर शादी के उपहार गिन रहे थे, इस बीच एक हथियारबंद बदमाश घर में घुस आया और बंदूक की नोक पर 12 हजार रुपये छीन लिए। बाद में आरोपी की पहचान रवि राणा के रूप में हुई।
डीसीपी ने कहा, ‘‘रवि के भागने की कोशिश करते समय नरेश और उसके परिवार ने बहादुरी से उसका पीछा किया। उन्होंने दो साथियों मंजीत और एक अज्ञात सहयोगी को एक सफेद कार में इंतजार करते देखा। रवि ने एक गोली चलाई, जबकि मंजीत ने पीछा करने वालों को रोकने के प्रयास में एक और बंदूक दिखाई। परिवार ने पीछा करना जारी रखा और रवि को पकड़ लिया। मंजीत और उसका सहयोगी अपनी गाड़ी में भागने में कामयाब रहे।’’
उसी दिन बाद में अलीपुर में झपटमारी की एक और घटना सामने आई।
काम से लौट रहे राम अवतार को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उस समय निशाना बनाया जब वह अपने फोन पर बात कर रहे थे। हमलावरों ने जब उनका मोबाइल छीनने की कोशिश की तो उनकी मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ गया और वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए।
मौके का फायदा उठाते हुए अवतार और उसके एक नजदीकी परिचित ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा मौके से भाग गया।
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