जरुरी जानकारी | दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेलिगेयर फिनवेस्ट लि. घोटाला मामले में आरोपी को जमानत दी

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नयी दिल्ली, 18 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने रेलिगेयर इंटरप्राइजेज लि. (आरईएल) के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अनिल सक्सेना को रेलिगेयर फिनवेस्ट लि. से 2,000 करोड़ रुपये के कथित गबन से जुड़े मामले में जमानत दे दी है।

न्यायाधीश विभू बाखरू ने रेलिगेयर फिनवेस्ट लि. (आरएफएल) के पूर्व निदेशक सक्सेना को 25,000 रुपये के निजी बांड और उतनी ही राशि के जमानतदार के बाद जमानत दी। साथ ही उन्हें सुनवाई अदालत की मंजूरी के बिना राष्ट्रीय राजधानी छोड़ने से मना किया।

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उच्च न्यायालय ने सक्सेना से रेलिगेयर इंटरप्राइजेज लि., आरएफएल या समूह की किसी भी कंपनी के कर्मचारी से संपर्क करने से मना किया। साथ ही उन्हें हर सुनवाई में उपस्थित रहने को कहा।

न्यायाधीश ने कहा कि हालांकि शिकायतकर्ता कंपनी आरएफएल ने सक्सेना के देश से बाहर भागने की दलील दी है, लेकिन इस प्रकार की आशंका के लिये कोई ठोस साक्ष्य नहीं है।

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उच्च न्यायालय ने यह भी कहा, ‘‘अदालत का यह भी मत है कि कथित अपराध में याचिकाकर्ता की भूमिका को उन प्रवर्तकों से तुलना नहीं की जा सकती है, जिनपर गबन कोष का कथित लाभ उठाने का आरोप है।’’

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने आरएफएल के प्रवर्तक मालविन्दर मोहन सिंह और शिविन्दर मोहन सिंह, कवि अरोड़ा और अनिल सक्सेना को पिछले साल आरईएल की अनुषंगी रेलिगेयर फिनवेस्ट लि. से धन की हेराफेरी में गिरफ्तार किया था।

सक्सेना को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गयी, जबकि मालविन्दर मोहन सिंह, शिविन्दर मोहन सिंह और कवि अरोड़ा अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं।

इससे पहले, सुनवाई अदालत ने मामले की गंभीरता के आधार पर सभी आरोपियों की जमानत खारिज कर दी थी।

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