देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय ने एएसआई से संरक्षित स्मारकों में प्रार्थना की अनुमति देने पर नीति बताने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से संरक्षित स्मारकों के अंदर स्थित धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं को प्रार्थना की अनुमति देने पर अपनी नीति स्पष्ट करने को कहा।

नयी दिल्ली, 20 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से संरक्षित स्मारकों के अंदर स्थित धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं को प्रार्थना की अनुमति देने पर अपनी नीति स्पष्ट करने को कहा।

अदालत मुगल मस्जिद के अंदर श्रद्धालुओं को प्रार्थना से रोकने के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जो एएसआई के अनुसार, कुतुब परिसर का हिस्सा होने के कारण संरक्षित स्मारकों की श्रेणी में आती है।

एएसआई के वकील ने कहा कि उनकी समझ के अनुसार, संरक्षित स्मारकों में प्रार्थना की अनुमति देने का ‘‘कोई सवाल ही नहीं है’’।

न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने हालांकि कहा कि वकील का बयान ‘शायद अतिशयोक्तिपूर्ण’ है और उनसे एएसआई की स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

अदालत ने ‘‘विभिन्न धर्मों के लिए अलग-अलग स्मारकों के लिए अलग-अलग नियम नहीं हो सकते हैं जब तक कि इसे कानून द्वारा समर्थित न किया जाए।’’

एएसआई के वकील ने कहा, ‘‘मुझे इस पर निर्देश लेने दीजिए।’’

मौजूदा मामले में, मुगल मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित किए जाने के बाद से इसके अंदर कभी कोई प्रार्थना नहीं की गई।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\