नयी दिल्ली, 11 जनवरी दिल्ली सरकार नजफगढ़ क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या का समाधान करने के लिए एक ‘एलिवेटेड कॉरिडोर’ बनायेगी। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बुधवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।
गहलोत नजफगढ़ से विधायक भी हैं। बैठक के दौरान, सिसोदिया ने परियोजना के पहले चरण को मंजूरी दी जो 4.8 किलोमीटर में फैली होगी और हर दिन लाखों लोगों को इससे मदद मिलेगी।
इसमें कहा गया है कि नजफगढ़-फिरनी रोड, कापसहेड़ा रोड, ढांसा रोड, बहादुरगढ़ रोड और नांगलोई रोड पर चलने वाले वाहन इस ‘एलिवेटेड रोड’ का इस्तेमाल कर सकेंगे और यातायात जाम की समस्या से बच सकेंगे।
सिसोदिया ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार राजधानी की सड़कों को यातायात जाम से मुक्त करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। नजफगढ़-फिरनी रोड, जो दिल्ली और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले लोगों के मुख्य मार्गों में से एक है, पर व्यस्त घंटों के दौरान भारी जाम हो जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस नए ‘एलिवेटेड कॉरिडोर’ का निर्माण पूरा होने के बाद, यात्रियों को शहर पार करने के लिए नजफगढ़ में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे इस कॉरिडोर का उपयोग कर सकते हैं और अपना यात्रा समय बचा सकते हैं।’’
सिसोदिया ने कहा कि इस परियोजना से हर रोज लाखों यात्रियों को लाभ होगा और नजफगढ़ की सड़कों पर भीड़भाड़ कम होगी।
उन्होंने कहा कि नजफगढ़ से कापसहेड़ा रोड, ढांसा रोड, बहादुरगढ़ रोड और नांगलोई रोड के बीच यात्रा करने वाले नजफगढ़ क्षेत्र में प्रवेश करने के बजाय सीधा रास्ता अपना सकेंगे।
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