नयी दिल्ली, 10 फरवरी पर्यटन मंत्रालय की महानिदेशक मुग्धा सिन्हा ने सोमवार को कहा कि संस्कृति और पर्यटन के बीच गहरा जुड़ाव है तथा पर्यटन को सांस्कृतिक संपदाओं से बढ़ावा मिलता है।
‘भारत के सांस्कृतिक क्षेत्र का मानचित्रण’ विषय पर यहां आयोजित सम्मेलन विरासत के तीसरे संस्करण में वह शहरी योजनाकारों और नागरिक समाज के सदस्यों के अलावा संस्कृति और पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों को संबोधित कर रही थीं।
सिन्हा ने रेखांकित किया कि संस्कृति और पर्यटन के बीच गहरा जुड़ाव है। अपने संबोधन में उन्होंने राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में पर्यटन में वृद्धि या उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के लिए एकत्रित होने वाले लाखों लोगों के बारे में भी बात की।
सरकार ने तीन फरवरी को संसद को बताया था कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में धार्मिक पर्यटन में ‘‘काफी वृद्धि’’ हुई है और जिले में आगंतुकों की कुल संख्या 2020 में 60 लाख थी जो 2024 में बढ़कर 16 करोड़ से अधिक हो गई।
मंत्रालय ने हाल में एक तथ्य पत्र साझा किया था जिसके अनुसार भारत में अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आगमन (आईटीए) ‘‘2023 में पूर्व-महामारी स्तर पर पहुंच जाएगा।’’ इसमें कहा गया है कि ‘‘विश्व आईटीए में भारत के आईटीए की हिस्सेदारी 2023 में 1.45 प्रतिशत रही।’’
तथ्य पत्र के अनुसार, 2023 के दौरान पर्यटन के माध्यम से 28 अरब अमेरिकी डॉलर विदेशी मुद्रा की आय हुई। भारत को विश्व पर्यटन के लिहाज से कुल रकम का 1.8 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ और विश्व स्तर पर पर्यटन से आय के मामले में दुनिया भर में 14वें स्थान पर पहुंच गया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY