देश की खबरें | पुरोइक समुदाय के लिए एक विधानसभा सीट आरक्षित करने का निर्णय प्रक्रियाधीन : मंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अरुणाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और जनजातीय मामलों (एसजेईटीए) मंत्री अलो लिबांग ने मंगलवार को विधानसभा को बताया कि उच्च न्यायालय के 2015 में दिए गए निर्देश के तहत राज्य में पुरोइक समुदाय के लिए एक विधानसभा और दो जिला परिषद सदस्यों (जेडपीएम) सीट को आरक्षित करने का मामला प्रक्रियाधीन है।
ईटानगर, पांच सितंबर अरुणाचल प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और जनजातीय मामलों (एसजेईटीए) मंत्री अलो लिबांग ने मंगलवार को विधानसभा को बताया कि उच्च न्यायालय के 2015 में दिए गए निर्देश के तहत राज्य में पुरोइक समुदाय के लिए एक विधानसभा और दो जिला परिषद सदस्यों (जेडपीएम) सीट को आरक्षित करने का मामला प्रक्रियाधीन है।
कांग्रेस विधायक नबाम तुकी के एक लिखित प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने जवाब दिया कि पुरोइक समुदाय की ओर से एक अलग जनजाति का दर्जा देने की कोई मांग नहीं है।
पुरोइक को पहले ‘सुलुंग’ के रूप में जाना जाता था। 2017 के आंकड़ों के अनुसार 8,977 की अनुमानित आबादी के साथ ये मुख्य रूप से पूर्वी कामेंग, पक्के केसांग, पश्चिम कामेंग, कुरुंग कुमेय, करा दादी और पापुम पारे जिलों में रहते हैं।
मंत्री ने बताया कि विभाग ने छह जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से पुरोइक समुदाय की नवीनतम आबादी की गणना और संकलन के लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान आजीविका सृजन गतिविधियों के तहत 10 लाख रुपये का प्रावधान रखा है।
लिबांग ने कहा कि 2017 में कैबिनेट की मंजूरी के बाद, राज्य सरकार ने स्वायत्त पुरोइक कल्याण बोर्ड (एपीडब्ल्यूबी) का गठन किया था और तब से समुदाय के लिए विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाएं शुरू करने के लिए 769 लाख रुपये की राशि मंजूर की जा चुकी है।
बोपाई पुरोइक अतिरिक्त सहायक आयुक्त (ईएसी) के रूप में नियुक्त होने वाले समुदाय के पहले व्यक्ति हैं।
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