ताजा खबरें | राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के रणनीतिक विनिवेश के संबंध में निर्णय लिया गया है: सरकार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने बुधवार को कहा कि नई सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम नीति के अनुसार गैर-रणनीतिक क्षेत्र वाले उद्यमों को व्यवहार्यता के आधार पर निजीकरण के लिए विचार किया जाए, अन्यथा ऐसे उद्यमों को बंद करने पर विचार किया जाएगा।

नयी दिल्ली, दो अगस्त सरकार ने बुधवार को कहा कि नई सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम नीति के अनुसार गैर-रणनीतिक क्षेत्र वाले उद्यमों को व्यवहार्यता के आधार पर निजीकरण के लिए विचार किया जाए, अन्यथा ऐसे उद्यमों को बंद करने पर विचार किया जाएगा।

इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी बताया कि इस्पात मंत्रालय के अधीन केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (पीएसई) ‘राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड’ (आरआईएनएल) के रणनीतिक विनिवेश के संबंध में निर्णय लिया गया है।

कुलस्ते ने राम मोहन नायडू के प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित नई सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (पीएसई) नीति के अनुसार मौजूदा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को मुख्यत: रणनीतिक और गैर-रणनीतिक क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है।

उन्होंने कहा कि गैर-रणनीतिक क्षेत्रों वाले पीएसई पर व्यवहार्यता के आधार पर निजीकरण के लिए विचार किया जाए, अन्यथा ऐसे उद्यमों को बंद करने पर विचार किया जाएगा।

मंत्री के जवाब में कहा गया कि नई पीएसई नीति के अनुसार सरकार ने रणनीतिक विनिवेश के माध्यम से आरआईएनएल की सहायक कंपनियों या संयुक्त उद्यमों में आरआईएनएल की हिस्सेदारी सहित उसमें भारत सरकार की शेयरधारिता के 100 प्रतिशत विनिवेश के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन दिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की आरआईएनएल में कोई इक्विटी नहीं है। हालांकि, आवश्यकता होने पर विशिष्ट मामलों में राज्य सरकार से परामर्श किया जाता है और जिन मामलों में उनके हस्तक्षेप की आवश्यकता हो, उनमें उनकी सहायता भी मांगी जाती है।

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