जरुरी जानकारी | जम्मू-कश्मीर पर 1.25 लाख करोड़ रुपये का कर्ज: सरकार
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जम्मू, आठ मार्च जम्मू-कश्मीर सरकार ने शनिवार को कहा कि उसका कुल कर्ज 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें पिछले वित्त वर्ष में केंद्र शासित प्रदेश के लिए सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) में 27,900 करोड़ रुपये शामिल हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा सदस्य सज्जाद गनी लोन को एक लिखित जवाब में कहा कि 31 मार्च, 2024 तक जम्मू-कश्मीर का कुल कर्ज 1,25,205 करोड़ रुपये है। उमर अब्दुल्ला केंद्र शासित प्रदेश के वित्त मंत्री भी हैं।
उन्होंने कहा, “इसमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और राज्य विकास से 69,894 करोड़ रुपये के ऋण, जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) में 27,901 करोड़ रुपये, रिजर्व में 14,294 करोड़ रुपये, बकाया राष्ट्रीय लघु बचत निधि में 5,758 करोड़ रुपये, समझौता ऋण में 4,032 करोड़ रुपये, उदय बिजली ऋण में 2,616 करोड़ रुपये और भारत सरकार के अग्रिम में 710 करोड़ रुपये शामिल हैं।”
अब्दुल्ला ने कहा कि 27 फरवरी, 2025 तक विभिन्न खाता शीर्षों के तहत कोषागारों में कुल बकाया देयता 5,429.49 करोड़ रुपये है।
बृहस्पतिवार को सदन में पेश आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट (ईएसआर) 2024-25 के अनुसार, 1,25,205 करोड़ रुपये का बकाया ऋण जम्मू-कश्मीर के जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) 2,38,677 करोड़ रुपये का 52 प्रतिशत है।
राज्य पर 83,010 करोड़ रुपये का सार्वजनिक ऋण वित्त वर्ष 2023-24 में कुल बजटीय बकाया ऋण का 66 प्रतिशत है, जिसमें 82,300 करोड़ रुपये का आंतरिक ऋण और भारत सरकार से 710 करोड़ रुपये का अग्रिम शामिल है।
बजटीय बकाया ऋण का एक अन्य प्रमुख घटक भविष्य निधि है, जो कुल ऋण का 21 प्रतिशत है।
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