देश की खबरें | पुलिस अधीक्षक पर आरोप लगाने वाले घायल क्रशर व्यवसायी की मौत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश में महोबा जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार द्वारा कथित तौर पर रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल करने के कुछ घंटे बाद गोली लगने से घायल क्रशर व्यवसायी की कानपुर की रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार शाम मौत हो गयी।
महोबा (उप्र), 13 सितंबर उत्तर प्रदेश में महोबा जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार द्वारा कथित तौर पर रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल करने के कुछ घंटे बाद गोली लगने से घायल क्रशर व्यवसायी की कानपुर की रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार शाम मौत हो गयी।
खुलेआम रिश्वत मांगने और अन्य भ्रष्टाचार के आरोप में हाल में निलंबित किए गए महोबा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार के खिलाफ छह लाख रुपये की रिश्वत मांगने का वीडियो वायरल करने के कुछ घंटे बाद मंगलवार को करीब ढाई बजे क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी (44) संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से घायल अपनी कार में मिले थे।
इन्द्रकांत के बड़े भाई रविकांत त्रिपाठी ने बताया कि गले में गोली लगने से घायल उसके छोटे भाई की रविवार शाम करीब सात बजे कानपुर की रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सुरक्षित कर लिया है।
गौरतलब है कि क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत को गोली लगने के मामले में रविकांत त्रिपाठी की तहरीर पर शुक्रवार की शाम कबरई थाने में निलंबित पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार, कबरई थाने के निलंबित थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला और पत्थर खनन के विस्फोटक सामाग्री व्यवसायी ब्रम्हदत्त एवं सुरेश सोनी के खिलाफ जबरन धन वसूली (386), हत्या का प्रयास (307), साजिश रचना (120बी) एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा-7/8 का मुकदमा दर्ज हुआ था और शनिवार को अपर पुलिस महानिदेशक प्रेम प्रकाश भी घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
रविकांत ने आरोप लगाया था कि महोबा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पाटीदार ने उनके भाई से छह लाख रुपये रिश्वत मांगी थी और नहीं देने पर उसे झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेजने की धमकी दी थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत नौ सितंबर को पाटीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और उनकी संपत्ति की सतर्कता अधिष्ठान से जांच कराने के आदेश दिए थे।
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