देश की खबरें | डेविस कप : घास वाली सतह पर अलग तरह की होगी चुनौती

नयी दिल्ली, 28 फरवरी भारतीय डेविस कप टीम के लिए दिल्ली जिमखाना क्लब के दो घसियाले (ग्रास) कोर्ट में से एक के ऊपर नियमित रूप से रोलर चलाया जा रहा है ताकि यह आकलन किया जा सके कि घरेलू खिलाड़ियों के लिए सतह से कितना उछाल आदर्श होगा।

भारतीय टीम चार और पांच मार्च को यहां डेविस कप विश्व प्लेऑफ ग्रुप एक में डेनमार्क की चुनौती के लिए तैयार है।

  घास वाली सतह पर गेंद कम उछाल लेती है और इस स्थिति का भारतीय टीम  फायदा उठाना चाहेगी। डेनमार्क के कई खिलाड़ी घसियाले कोर्ट पर खेलने में सहज नहीं हैं।

दिग्गज लिएंडर पेस डेविस कप में शानदार प्रदर्शन करने में सफल रहे क्योंकि घास वाली सतह पर वह यूरोप के खिलाड़ियों को छकाने में सफल रहे।

मौजूदा पीढ़ी में युकी भांबरी और रामकुमार रामनाथन का खेल घास की सतह पर प्रतिद्वंद्वियों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।

घास की सतह पर सबसे बड़ी चुनौती गेंद की उछाल से निपटना होता है जो हार्ड या क्ले कोर्ट की तरह सामान्य नहीं होती है।

युकी ने अभ्यास सत्र से इतर पीटीआई- से कहा, ‘‘ यह बहुत तेज है, ऐसे में आपको अपनी बैक स्विंग को छोटा करने के लिए तैयार रहना होगा। यह इतना तेज होता है कि आपको एक बड़ा स्विंग लेने या बेसलाइन से दो-तीन फीट पीछे जाने का समय नहीं मिलता है।  हार्ड कोर्ट या क्ले कोर्ट पर ये चीजें आसानी से कर सकते हैं।’’

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