मेंगलुरू, 25 जून लड़कियों से दोस्ती करने के बाद बलात्कार कर हत्या करने वाले 'साइनाइड' मोहन को कर्नाटक की एक अदालत ने 2009 के एक मामले में उम्र कैद की सज़ा सुनाई है।
मेंगलुरू में छठे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सईद उन नीसा ने बुधवार को सजा का ऐलान किया। सीरियल किलर मोहन ने 2009 में केरल की एक लड़की की बलात्कार के बाद हत्या कर दी थी। मोहन (57) को शनिवार को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।
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यह मोहन के खिलाफ दर्ज हत्या का 20वां और आखिरी मामला है।
इससे पहले उसे पांच मामलों में मौत की सज़ा और अन्य में आजीवन कारावास का दंड सुनाया गया है। मौत की दो सज़ाओं को बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया।
इस मामले में मोहन पर आरोप लगाया गया था कि उसने केरल के कासरगोड की 25 वर्षीय लड़की से दोस्ती की और उससे शादी करने का वादा कर उसे बेंगलुरू ले गया।
वह युवती को बस स्टैंड के करीब एक लॉज में ले गया, जहां उससे बलात्कार किया। अगले दिन वह युवती को बस स्टैंड लेकर गया जहां उसे साइनाइड मिली दवा खाने को दी और खुद मौके से फरार हो गया।
युवती दवा खाने के बाद वहीं गिर पड़ी और उसे एक कांस्टेबल अस्पताल ले कर गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
उसने जुर्म का यह तरीका सभी 20 मामलों में इस्तेमाल किया।
न्यायाधीश ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उम्र कैद और 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अपहरण के लिए 10 साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जहर खिलाने के लिए 10 साल की सजा और पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। बलात्कार करने के लिए सात साल की कैद और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग अलग सजाएं दी गई हैं।
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