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चालू खाते का घाटा कम, प्रबंधन के दायरे में रहेगा: शक्तिकांत दास

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बृहस्पतिवार को भरोसा जताया कि 2022-23 की चौथी यानी जनवरी-मार्च तिमाही में भारत का चालू खाते का घाटा (कैड) कम रहेगा. इसके अलावा अगले वित्त वर्ष 2023-24 में कैड प्रबंधन के दायरे में रहेगा.

चालू खाते का घाटा कम, प्रबंधन के दायरे में रहेगा: शक्तिकांत दास
Shaktikanta Das | Governor of the RBI (Photo: PTI)

मुंबई, 6 अप्रैल : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बृहस्पतिवार को भरोसा जताया कि 2022-23 की चौथी यानी जनवरी-मार्च तिमाही में भारत का चालू खाते का घाटा (कैड) कम रहेगा. इसके अलावा अगले वित्त वर्ष 2023-24 में कैड प्रबंधन के दायरे में रहेगा. बीते वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में चालू खाते का घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.7 प्रतिशत रहा है. 2022-23 की अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में यह उल्लेखनीय रूप से घटकर 2.2 प्रतिशत पर आ गया, जबकि जुलाई-सितंबर तिमाही में यह 3.7 प्रतिशत के उच्चस्तर पर था.

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए कहा, ‘‘कुल मिलाकर बाहरी संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. विदेशी मुद्रा भंडार अब बढ़कर 600 अरब डॉलर से अधिक हो गया है. 21 अक्टूबर, 2022 को यह 524.5 अरब डॉलर था.’’ दास ने कहा कि भारत का सेवा निर्यात 2023 के पहले दो माह में अच्छी दर से बढ़ा है. उन्होंने कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के देशों की बेहतर वृद्धि संभावनाएं दूसरे देशों से आने वाले पैसे (रेमिटेंस) की दृष्टि से अच्छी हैं. यह भी पढ़ें : Jagarnath Mahato Passed Away: झारखंड के शिक्षा एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो का निधन, चेन्नई के हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली

उन्होंने कहा कि 2022 में बाहर से आया मनीऑर्डर 107.5 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया है. दास ने कहा कि 2022 में भारतीय रुपया व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ा है और 2023 में भी कमोबेश यही स्थिति रही. उन्होंने कहा कि रुपये के उतार-चढ़ाव पर केंद्रीय बैंक की लगातार निगाह रहेगी

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 06, 2023 12:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).