जरुरी जानकारी | क्रिप्टो मुद्राओं को विशेष श्रेणी की प्रतिभूति माना जाएः सीआईआई
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नयी दिल्ली, नौ दिसंबर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने क्रिप्टो या डिजिटल मुद्राओं को एक खास तरह की प्रतिभूति मानने और उस पर प्रतिभूति संबंधी मौजूदा नियमों के बजाय नए नियम लागू करने का सुझाव दिया है।
उद्योग मंडल सीआईआई ने अपने एक बयान में कहा कि क्रिप्टो या डिजिटल मुद्राओं को एक विशेष प्रतिभूति मानने के बाद उन पर नियामकीय निगरानी सिर्फ प्रतिभूति जारी करने तक ही नहीं बल्कि उनके सौदों एवं कब्जे पर भी रखी जाए।
सीआईआई के मुताबिक इन क्रिप्टो मुद्राओं के लिए भारत में केंद्रीकृत एक्सचेंज बनाए जा सकते हैं लेकिन उनका सेबी के पास पंजीकरण कराना जरूरी हो और उन्हें 'ग्राहक को जानो' (केवाईसी) संबंधी मानकों का बखूबी पालन करना होगा। इसके साथ ही इन एक्सचेंज को प्रतिभागियों के पास मौजूद क्रिप्टो या डिजिटल मुद्राओं को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
सीआईआई ने कहा, "इस दायित्व के निर्वहन के लिए केंद्रीकृत एक्सचेंज के पास न्यूनतम पूंजी एवं गारंटीशुदा फंड को भी सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्हें समय-समय पर निर्धारित होने वाली निवेशक खुलासा संबंधी शर्तों को भी पूरा करना होगा।"
सरकार क्रिप्टो मुद्राओं के नियमन के लिए संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में एक विधेयक पेश करने वाली है। रिजर्व बैंक इस तरह की मुद्राओं को लेकर कई बार गहरी चिंता जता चुका है।
सीआईआई ने क्रिप्टो एवं डिजिटल मुद्राओं के साथ एक विशेष श्रेणी की प्रतिभूति की तरह बर्ताव करने का सुझाव देते हुए कहा है कि इन्हें आयकर कानून एवं जीएसटी कानून के दायरे में भी लाना चाहिए।
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