देश की खबरें | सीआरपीएफ ने टैटू के कारण भारोत्तोलक को खारिज किया; अदालत ने चिकित्सा जांच का निर्देश दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने अधिकारियों से उस महिला एथलीट की मेडिकल जांच फिर से कराने को कहा है, जिसे खेल कोटे के तहत सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल के पद के लिए दाहिनी बांह और हाथ पर चोट के निशान व टैटू के कारण पहले अनफिट घोषित कर दिया गया था।
नयी दिल्ली, 22 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने अधिकारियों से उस महिला एथलीट की मेडिकल जांच फिर से कराने को कहा है, जिसे खेल कोटे के तहत सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल के पद के लिए दाहिनी बांह और हाथ पर चोट के निशान व टैटू के कारण पहले अनफिट घोषित कर दिया गया था।
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता की नए सिरे से गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा चार सप्ताह के अंदर जांच की जानी चाहिए और फिट पाए जाने पर उसे आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाए।
याचिकाकर्ता पहले से ही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में एक कांस्टेबल है और उसने दावा किया है कि अब टैटू हटा दिया गया है।
याचिकाकर्ता, दविंदर कौर ने भारोत्तोलन (59 किग्रा) की श्रेणी में खेल कोटे के तहत हेड कांस्टेबल (जीडी) के पद के लिए भर्ती की प्रक्रिया में भाग लिया था, लेकिन इस साल की शुरुआत में उसके दाहिने हाथ पर टैटू के कारण उसे अनफिट घोषित कर दिया गया।
उसके वकील के.के. शर्मा ने अदालत से कहा कि टैटू हटा दिया गया है और उसे परीक्षा में भाग लेने का अवसर दिया जाना चाहिए।
अदालत ने आदेश में कहा, “तदनुसार, न्याय के हित में, हम प्रतिवादियों को आज से चार सप्ताह के भीतर नए गठित मेडिकल बोर्ड के समक्ष नए सिरे से याचिकाकर्ता की जांच करने का निर्देश देते हैं और यदि याचिकाकर्ता को उक्त मेडिकल बोर्ड द्वारा फिट पाया जाता है, तो उसे आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अनुमति दी जाएगी।”
इसने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता अयोग्य पायी जाती है, तो निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा।
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