अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), 11 जनवरी अलीगढ़ जिले के पुराने शहर स्थित कंवारी गंज में पिछले पांच दिनों के दौरान कथित रूप से स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पाइप लाइन बिछाए जाने के कारण लगभग दो दर्जन इमारतों में दरारें पड़ गया है।
यह इलाका उस ढलान पर पड़ता है, जहां शहर का सबसे पुराना आवासीय क्षेत्र माना जाने वाला अपर कोट स्थित है।
अलीगढ़ नगर निगम के अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि कुछ स्थानीय निवासियों की शिकायत पर नगर निगम के अधिकारियों ने इलाके का दौरा किया है और उनकी शुरुआती रिपोर्ट जल्द ही मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया, ‘‘हमारी टीम ने क्षेत्र का दौरा किया है और कथित रूप से प्रभावित इमारतों की तस्वीरें भी ली हैं। मामले की जांच की जा रही है।"
स्थानीय निवासी दयाशंकर ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘कुछ दिन पहले रात में कुछ अजीब सी आवाजें सुनाई दी। बाद में यह पता चला कि अनेक दीवारों पर दरारे पड़ रही हैं और उनमें से पानी निकल रहा है। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह पानी ढलान के ऊपर बसी आबादी के लिए बनाई गई नाली से आ रहा है।"
स्मार्ट सिटी योजना के तहत पिछले साल पेयजल की कुछ पाइप लाइनें और कुछ महीने पहले नई सीवर लाइन बिछाई गई थी।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अनेक इलाकों में खुदाई की गई थी, जिन्हें ठीक से भरा नहीं गया जिस वजह से पानी का भारी रिसाव हो रहा है। पिछले साल अक्टूबर में नगर के अनेक इलाकों में हुई अप्रत्याशित बारिश के दौरान नालियां बंद होने के कारण अनेक जगहों पर जलभराव जैसी स्थिति पैदा हो गई थी और नाली के पानी के अंडर ग्राउंड तालाब बन जाने के कारण मौजूदा समस्या पैदा हुई है।
एक अन्य स्थानीय निवासी हैदर खान ने कहा कि पिछले रविवार को उन्होंने मकान में दरारें पड़ने की शिकायत नगर निगम के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस से की थी और मौके पर अधिकारियों की एक टीम ने पहुंचकर हालात का जायजा लिया था।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अलीगढ़ में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं लेकिन इस योजना के तहत जल निकासी और पेयजल को समुचित प्राथमिकता नहीं दी जा रही है।
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