जरुरी जानकारी | आयात शुल्क घटाये जान से सीपीओ, पामोलीन, सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार के खाद्यतेलों पर आयात शुल्क घटाये जाने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन के साथ ही कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई जबकि कम आवक और कारोबार सुस्त रहने के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन तथा बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

नयी दिल्ली, 17 मई सरकार के खाद्यतेलों पर आयात शुल्क घटाये जाने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सोयाबीन तेल-तिलहन के साथ ही कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई जबकि कम आवक और कारोबार सुस्त रहने के बीच सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन तथा बिनौला तेल के दाम पूर्वस्तर पर बंद हुए।

मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे गिरावट के साथ बंद हुआ जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार का रुख है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सरकार ने आयात शुल्क को घटाया है। इसके तहत कच्चा पामतेल (सीपीओ) के आयात शुल्क में 123 रुपये क्विंटल, पामोलीन के आयात शुल्क में 244 रुपये क्विंटल और सोयाबीन के आयात शुल्क में 53 रुपये क्विंटल की कमी की गई है।

उन्होंने कहा कि कुछ तेल संगठन की मांग थी कि सीपीओ के मुकाबले पामोलीन के आयात शुल्क का अंतर अधिक बढ़ाया जाये। हालांकि, कच्चे तेल पर कम कटौती की गई है और रिफाइंड यानी पामोलीन के आयात शुल्क में लगभग दोगुना कटौती की गई है।

इससे बंदरगाहों पर लगे खाद्यतेल प्रसंस्करण करने वाले तेल संयंत्रों का कामकाज प्रभावित होगा जो पहले ही परेशानी से गुजर रहे थे। जाहिर सी बात है कि जब रिफाइंड तेल सस्ता होगा तो कौन महंगे में कच्चा तेल मंगायेगा। स्थानीय मिलों का कामकाज ठप पड़ने का खतरा और बढ़ जायेगा।

सूत्रों ने कहा कि इस आयात शुल्क में कमी किये जाने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई। बृहस्पतिवार रात शिकागो एक्सचेंज तीन प्रतिशत से अधिक टूटा था। इसके अलावा सोयाबीन का आयात शुल्क भी घटाये जाने की वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन के दाम में गिरावट आई।

उन्होंने कि बाकी तेल-तिलहन कीमतों पर इस आयात शुल्क में की गई कटौती का अधिक असर नहीं दिखा। किसानों की ओर से कम आवक रहने के बीच सरसों तेल-तिलहन अपरिवर्तित रहे। मूंगफली तेल-तिलहन के भाव भी पूर्वस्तर पर बने रहे। मूंगफली पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे के हाजिर दाम पर बिक रहा है और इसके भाव पूर्वस्तर पर स्थिर रहे। कम उपलब्धता के बीच बिनौला तेल भी पूर्ववत बना रहा।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,525-6,600 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,775-6,150 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,260-2,560 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,445-2,545 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,445-2,580 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,775 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,350 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,000 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,450-4,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,200-4,250 रुपये प्रति क्विंटल।

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