Covid Origins Debate: अब वायरस को रेकून कुत्तों से जोड़ने वाले नए निष्कर्ष आए सामने

कोविड का कारण बनने वाले वायरस सार्स-कोव-2 की उत्पत्ति, लंबे समय से एक गरमागरम बहस का विषय रही है. कई लोगों का मानना है कि सार्स-कोव-2 वुहान के हुआनान होलसेल सीफूड मार्केट में एक जानवर से मनुष्यों में फैला है, अन्य लोगों ने तर्क दिया है कि वायरस गलती से वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की एक लैब से लीक हुआ था.

Covid-19 Representational image (Photo Credit- Pixabay)

बेलफास्ट, 23 मार्च : कोविड का कारण बनने वाले वायरस सार्स-कोव-2 की उत्पत्ति, लंबे समय से एक गरमागरम बहस का विषय रही है. कई लोगों का मानना है कि सार्स-कोव-2 वुहान के हुआनान होलसेल सीफूड मार्केट में एक जानवर से मनुष्यों में फैला है, अन्य लोगों ने तर्क दिया है कि वायरस गलती से वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी की एक लैब से लीक हुआ था. पिछले सप्ताह इस बहस में एक पहलू और जुड़ गया जब यह रिपोर्ट सामने आईं कि महामारी की उत्पत्ति रेकून कुत्तों से जुड़ी हो सकती है जो बाजार में अवैध रूप से बेचे जा रहे थे. कोविड वायरस के फैलने में हुआनन सीफूड होलसेल मार्केट की भूमिका की आधिकारिक जांच के हिस्से के रूप में एकत्र तथ्यों के पुन: विश्लेषण से यह बात सामने आई है. इस पुन: विश्लेषण पर काम कर रहे अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की टीम (उत्तरी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया से) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को सतर्क किया और द अटलांटिक में प्रकाशित एक लेख में इस विषय पर चर्चा की. और वैज्ञानिकों ने खुद अब इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अधिक जानकारी दी गई है.

तो हम उनके निष्कर्षों का क्या कर सकते हैं?

क्या यह नया पहलू इस संबंध में चल रही बहस की दिशा को बदल देगा? चलिए एक नजर डालते हैं:-

हुआनन बाजार जनवरी 2020 में, जिसे हम अब सार्स-कोव-2 कहते हैं, उसके उद्भव के बारे में लिखते हुए, मैंने यह समझने के महत्व को बताया कि यह महामारी कैसे शुरू हुई. वायरस की उत्पत्ति को निर्धारित करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ज्ञान हमें अगली महामारी को रोकने में मदद कर सकता है.

2020 की शुरुआत में ही, यह स्पष्ट हो गया था कि मध्य चीनी शहर वुहान (एक प्रमुख महानगर और यात्रा केंद्र) प्रकोप का केंद्र था. वुहान के भीतर, हुआनान सीफूड बाजार नजर में आया क्योंकि यह कई शुरुआती मामलों से जुड़ा था - लेकिन सभी नहीं. दरअसल, एक जनवरी 2020 को बाजार बंद कर दिया गया था, जानवरों को मार दिया गया था और साइट को कीटाणुरहित कर दिया गया था. लगभग दो दशक पहले सार्स-कोव-1 का उद्भव पशु व्यापार और पशु बाज़ारों से हुआ था (जिसके कारण सार्स, वायरल श्वसन रोग का व्यापक प्रकोप हुआ था). यह भी पढ़ें : COVID-19 Update: देश में 140 दिन बाद कोविड के दैनिक मामलों में सर्वाधिक वृद्धि, 1300 नए मामले

इसे देखते हुए सार्स-कोव-2 की उत्पत्ति को लेकर संदेह पैदा हुआ. सबूत सामने आए हैं कि हुआनन सीफूड मार्केट में जीवित स्तनपायी भी बेचे जाते थे, जिसमें एक लोमड़ी जैसा स्तनपायी भी शामिल था, जिसे रैकून कुत्ते के रूप में जाना जाता है, जिसके बारे में अब पता चला है कि वह सार्स-कोव-2 के लिए अतिसंवेदनशील हैं. बाद में महामारी विज्ञान और आनुवंशिक विश्लेषणों ने महामारी की उत्पत्ति के रूप में बाजार पर ध्यान केंद्रित किया, और यहां तक कि इसके भीतर विशिष्ट स्टालों पर भी ध्यान केंद्रित किया. नये आंकड़े बाजार में आधिकारिक जांच के हिस्से के रूप में, 2020 की शुरुआत में बंद होने के बाद के दो महीनों में बाजार के विभिन्न हिस्सों से स्वैब एकत्र किए गए थे. जिन वैज्ञानिकों ने यह शोध किया था, वे चीनी रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र से थे. उन्होंने फरवरी 2022 में अपने विश्लेषण को प्री-प्रिंट के रूप में पोस्ट किया (एक अध्ययन जिसकर अभी तक सहकर्मी की समीक्षा की जानी है).

इसमें, टीम ने निष्कर्ष निकाला कि बाज़ार ने सार्स-कोव-2 के शुरुआती प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन वे जानवरों से सीधे लिए गए नमूनों में वायरस का पता नहीं लगा सके. उन्होंने बताया कि पाए गए सभी वायरस सबूत मनुष्यों से जुड़े थे, और इसलिए यह संभावना थी कि वायरस बाजार में इंसानों द्वारा लाया गया था, जानवरों द्वारा नहीं, और इसलिए शायद महामारी कहीं और से शुरू हुई. हालांकि, किसी भी आधिकारिक सहकर्मी-समीक्षित प्रकाशन से पहले, इस काम का कच्चा डेटा गिसाइड नामक एक खुले वैज्ञानिक डेटाबेस पर जारी किया गया था. और वैज्ञानिकों के जिस समूह ने इस डेटा का फिर से विश्लेषण किया, उन्होंने वास्तव में सार्स-कोव-2 और जानवरों, विशेष रूप से बाजार में रेकून कुत्तों के बीच संबंध पाया. उन्होंने बाजार से कई नमूनों में जानवरों के डीएनए को सार्स-कोव-2 के साथ मिश्रित पाया. कुछ सकारात्मक नमूनों में कोई मानव डीएनए नहीं था और ज्यादातर रेकून कुत्ते डीएनए थे. दुर्भाग्य से, एक जीवित रेकून कुत्ते से नमूने या तो नहीं लिए गए या रिपोर्ट नहीं किए गए, और आधिकारिक जांच में रेकून कुत्तों का कोई जिक्र नहीं है.

यहाँ से कहाँ?

यह नवीनतम जानकारी पहेली का एक अतिरिक्त टुकड़ा है जो वुहान के पशु व्यापार से जुड़ी महामारी की उत्पत्ति का समर्थन करता है, यह अकाट्य साक्ष्य प्रदान करने की संभावना नहीं रखता है. यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह प्री-प्रिंट भी है. आदर्श रूप से, हम दिसंबर 2019 की शुरुआत से जानवरों के नमूने लेना चाहते हैं, और जानवरों के वायरस जीनोम की तुलना इंसानों से करना चाहते हैं. पशु व्यापार और कृषि प्रणालियों के माध्यम से घटनाओं को पीछे की ओर देखना भी महत्वपूर्ण होगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि जानवरों को पहली बार में वायरस कहाँ से मिला.

इसके अलावा, हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि वायरस आसानी से एक संक्रमित मानव द्वारा रैकून कुत्ते को दिया जा सकता था, या यह कि रैकून कुत्ते के डीएनए और सार्स-कोव-2 के बीच संबंध संयोग हो सकता है. हालाँकि, सबूत जमा हो रहे हैं कि आधिकारिक जांच ने उनके शोध में एक अंतर छोड़ दिया है - विशेष रूप से उस भूमिका के आसपास जो रैकून कुत्तों और वन्यजीव व्यापार जैसे जानवरों ने महामारी की उत्पत्ति में निभाई है. हालांकि इस बात की संभावना नहीं है कि हमें कभी भी इस बात का ठोस सबूत मिल पाएगा कि कैसे सार्स-कोव-2 ने मानव आबादी में प्रवेश किया, हम अभी भी व्यावहारिक रूप से सोच सकते हैं और एक नई महामारी की संभावना को कम करने के लिए व्यवहार और प्रथाओं को बदलने की कोशिश कर सकते हैं. एक तत्काल लक्ष्य खाद्य प्रणाली होगा, जिसमें यह तय करना होगा कि जानवरों में वायरस की निगरानी को बढ़ाकर खेती और वन्यजीव व्यापार को सभी के लिए सुरक्षित कैसे बनाया जाए.

Share Now