देश की खबरें | मामलों को सूचीबद्ध करने में पक्षपात का आरोप लगाने वाली याचिका पर न्यायालय का फैसला कल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय सुनवाई के लिये मामलों को सूचीबद्ध करने में रजिस्ट्री अधिकारियों द्वारा प्रभावशाली वकीलों और याचिकाकर्ताओं को कथित तौर पर वरीयता दिये जाने के खिलाफ दायर, एक वकील की याचिका पर सोमवार को अपना फैसला सुना सकता है।

नयी दिल्ली, पांच जुलाई उच्चतम न्यायालय सुनवाई के लिये मामलों को सूचीबद्ध करने में रजिस्ट्री अधिकारियों द्वारा प्रभावशाली वकीलों और याचिकाकर्ताओं को कथित तौर पर वरीयता दिये जाने के खिलाफ दायर, एक वकील की याचिका पर सोमवार को अपना फैसला सुना सकता है।

न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति एस ए नजीर ने अधिवक्ता रीपक कंसल की जनहित याचिका पर 19 जून को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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कंसल ने शीर्ष न्यायालय की रजिस्ट्री को यह निर्देश देने की मांग की है कि वह प्रभावशाली वकीलों या वादियों द्वारा दायर मामलों को सूचीबद्ध करने की प्रकिया में वरीयता नहीं दे, जब मौजूदा कोविड-19 संकट के कारण डिजिटल अदालतें चल रही है।

सुनवाई के दौरान शीर्ष न्यायलय ने याचिका को लेकर नाखुशी प्रकट की थी और कहा था कि शीर्ष न्यायालय की रजिस्ट्री वादियों एवं अधिवक्ताओं के फायदे के लिये ‘‘दिन-रात ’’काम कर रही है।

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पीठ ने वकील से कहा था, ‘‘आप रजिस्ट्री और इसके सेक्शन ऑफिसर के खिलाफ इस तरह के आरोप क्यों लगा रहे हैं।’’

वकील ने कहा था कि ‘‘एक देश एक राशन कार्ड’’के मुद्दे पर उनकी याचिका कुछ समय तक रजिस्ट्री द्वारा सूचीबद्ध नहीं की गई।

इससे पहले, दायर याचिका में शीर्ष न्यायालय के महासचिव एवं अन्य अधिकारियों को सुनवाई के लिये पीठों के समक्ष मामलों को सूचीबद्ध करने में ‘‘कम प्रभावशाली वकीलों के खिलाफ भेदभाव’’ रोकने के लिये निर्देश देने की मांग की गई थी।

याचिका में कहा गया था कि रजिस्ट्री में गलत कार्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों के निवारण के लिये कोई तंत्र नहीं है। इसमें आरोप लगाया गया कि वे कुछ लॉ फर्म और वकीलों पर कृपादृष्टि करते हैं तथा इसका कारण उन्हें ही बखूबी पता है।

इसमें संबद्ध अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग की गई कि वे साधारण वकीलों एवं याचिकाकर्ताओं के मामलों में अनवाश्यक त्रुटि नहीं निकाले तथा ज्यादा ली गई कोर्ट फीस और अन्य शुल्क वापस कर दें।

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