देश की खबरें | न्यायालय ने मणिपुर हिंसा से संबंधित सीबीआई मामलों की सुनवाई को असम स्थानांतरित किया

नयी दिल्ली, 25 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि मणिपुर हिंसा से संबंधित जिन 17 मामलों की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है, उसकी सुनवाई पड़ोसी राज्य असम में होगी और उसने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मामलों की सुनवाई के लिए एक या अधिक न्यायिक अधिकारियों को नामित करने का निर्देश दिया।

इन मामलों में दो महिलाओं को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर घुमाने का मामला भी शामिल है।

शीर्ष अदालत ने अदालतों द्वारा पीड़ितों और गवाहों की ऑनलाइन गवाही सहित न्यायिक प्रक्रियाओं पर कई निर्देश दिए, जिसमें कहा गया कि उसे ‘‘वर्तमान चरण में, मणिपुर के समग्र वातावरण और एक निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया सुनिश्चित करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए’’ जारी किया गया है।

प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कई वकीलों की उन दलीलों को खारिज कर दिया, जो सीबीआई द्वारा जांच किए जा रहे मामलों को असम में स्थानांतरित करने का विरोध कर रहे थे।

पीठ ने केंद्र और मणिपुर सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों को स्वीकार करते हुए कहा कि यह सुझाव वहां बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।

मेहता ने कहा, ‘‘असम में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी के चलते हमने इसका चयन किया है।’’

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘दोनों पक्ष (कुकी और मेइती) प्रभावित हुए हैं... घाटी और पहाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में लोग पीड़ित हैं। हम यह नहीं कह रहे हैं कि किसने अधिक कष्ट उठाया, हम केवल व्यावहारिक कठनाइयों पर विचार कर रहे हैं।’’

निर्देश जारी करते हुए पीठ ने कहा, ‘‘हम गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध करते हैं कि वे मुकदमों की सुनवाई के लिए असम के गुवाहाटी में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी/सत्र न्यायाधीश के पद से ऊपर के एक या एक से अधिक न्यायिक अधिकारियों को नामित करें। मुख्य न्यायाधीश ऐसे न्यायाधीशों का चयन करें, जो मणिपुर की एक या अधिक ओं के जानकार हों।’’

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