देश की खबरें | न्यायालय ने सिंगरौली में एनटीपीसी के विंध्यांचल सुपर थर्मल पावर स्टेशन पर अर्थदंड की वसूली रोकी
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नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने सिंगरौली और सोनभद्र जिलों में एनटीपीसी के विंध्याचल सुपर थर्मल पावर स्टेशन से पर्यावरण को हुये नुकसान के लिये चार करोड़ रूपए से अधिक राशि के जुर्माने की वसूली पर रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति आर एफ नरिमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के खिलाफ इस संयंत्र की अपील पर केन्द्र, उप्र और मप्र सरकार तथा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य को नोटिस जारी किये हैं।
पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘नोटिस जारी किया जाये। इस बीच धनराशि वसूल करने पर रोक लगी रहेगी।’’
थर्मल पावर संयंत्र ने अधिकरण के 2019 के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में अपील दायर की है। अधिकरण ने एनटीपीसी के तीन संयंत्रों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिये 4.16 करोड़, 27 लाख और 45.90 लाख रूपए जुर्माना किया था।
अधिकरण ने अपने आदेश में कहा था कि पर्यावरण मानकों के उल्लंघन की वजह से रिहंद जलाशय सहित तमाम जल स्रोतों को नुकसान पहुंचा है।
अधिकरण ने कहा था, ‘‘भूतल और भूमिगत जल प्रदूषित हुआ है जिससे सोन, रेनू, बीजुल, कान्हार, गोपड, पंकागन, कठौता, कछान, आदि नदियों और बलिया नाला, चटका नाला, कहुवा नाला, टिप्पा झरिया और डोंगिया नाला आदि का जल प्रभावित हुआ है।’’
हरित अधिकरण ने एक समिति की रिपोर्ट के अवलोकन के बाद यह आदेश दिया था। समिति ने सिफारिश की थी कि सिंगरौली क्षेत्र में पर्यावरण क्षमता का आकलन करके ही परियोजनाओं के विस्तार के बारे में निर्णय लिया जाना चाहिए और इस इलाके में उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण के मामले में पर्यावरण के अनुकूल रणनीति अपनानी चाहिए।
अनूप
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