देश की खबरें | तीन राज्यों पर ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश की अवमानना के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई से न्यायालय का इनकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के प्राधिकारियों पर संपत्तियों के ध्वस्तीकरण संबंधी उसके आदेश की अवमानना का आरोप लगाया गया था।
नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के प्राधिकारियों पर संपत्तियों के ध्वस्तीकरण संबंधी उसके आदेश की अवमानना का आरोप लगाया गया था।
न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति पी के मिश्रा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि वह याचिकाकर्ता की याचिका पर विचार करने की इच्छुक नहीं है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कथित कृत्य से जुड़ा नहीं है। पीठ ने कहा, ‘‘हम भानुमती का पिटारा नहीं खोलना चाहते।’’
अदालत ने कहा कि वह संपत्तियों के ध्वस्तीकरण से प्रभावित लोगों की सुनवाई करेगी।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि हरिद्वार, जयपुर और कानपुर में प्राधिकारियों ने उच्चतम न्यायालय के उस आदेश की अवमानना करते हुए संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उसकी अनुमति के बिना ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा।
शीर्ष अदालत ने इससे पहले कई याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें यह दलील दी गई थी कि कई राज्यों में अपराध के आरोपियों की संपत्तियों सहित अन्य संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है।
उच्चतम न्यायालय ने 17 सितंबर के अपने आदेश में प्राधिकारियों को उसकी इजाजत के बिना आपराधिक मामलों में आरोपियों की संपत्ति समेत अन्य संपत्तियों को एक अक्टूबर तक ध्वस्त नहीं करने का निर्देश था। शीर्ष अदालत ने कहा था कि यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक वह मामले में निर्णय नहीं करती।
हालांकि उसने स्पष्ट किया था कि उसका आदेश सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों, रेलवे लाइन या जलाशयों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बने अनधिकृत ढांचों पर लागू नहीं होगा।
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