देश की खबरें | अदालत ने लापरवाही से गाड़ी चलाने के मामले में प्राथमिकी रद्द की,कार चालक और मालिक को दी चेतावनी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेजी से गाड़ी चलाते हुए एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में आपराधिक कार्रवाई संबंधी एक याचिका रद्द कर दी और कार चालक को बिना वैध लाइसेंस और बीमे के गाड़ी नहीं चलाने की हिदायत भी दी।

नयी दिल्ली,तीन फरवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेजी से गाड़ी चलाते हुए एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल करने के मामले में आपराधिक कार्रवाई संबंधी एक याचिका रद्द कर दी और कार चालक को बिना वैध लाइसेंस और बीमे के गाड़ी नहीं चलाने की हिदायत भी दी।

उच्च न्यायालय ने मामले की कार्रवाई उस वक्त बंद करने पर सहमति जताई जब अदालत को यह सूचित किया गया कि याचिकाकर्ता और आरोपी ने सड़क दुर्घटना के बाद पैदा हुए पूरे विवाद को मैत्रीपूर्ण ढंग से हल कर लिया है।

न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद ने कहा,‘‘ तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए याचिका खारिज की जाती है। याचिकाकर्ता नंबर एक(कार चालक) को बिना वैध लाइसेंस और बीमे के गाड़ी नहीं चलाने की हिदायत दी जाती है और याचिकाकर्ता नंबर दो (कार मालिक) को मोटर वाहन अधिनियम के तहत अपराध नहीं दोहराने की चेतावनी दी जाती है।’’

अदालत ने कहा कि यह मामला सड़क दुर्घटना का है और शिकायकर्ता को उस व्यक्ति ने टक्कर मारी जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और कार किसी और व्यक्ति की थी।

गौरतलब है कि अगस्त 2020 को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार एक काले रंग की मर्सिडीज बेंज ने शाम के समय एक व्यक्ति को टक्कर मार दी और उसे उपचार के लिए एम्स के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

चिकित्सिकीय जांच में सामने आया कि पीड़ित को गंभीर चोटें आई हैं और इस संबंध में अपराधिक मामला दर्ज किया गया था। कार चालक को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे जमानत दे दी गई थी और जांच के दौरान सामने आया था कि उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।

बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था और उन्होंने पीडित को 35,000 रुपए मुआवजे के तौर पर दिए थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\