देश की खबरें | न्यायालय ने जेएनयू कोविड केंद्र के लिए चिकित्सा कर्मी, बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार का रुख जाना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक प्रस्तावित कोविड देखभाल केंद्र के लिए बुनियादी ढांचा और चिकित्सा कर्मचारी उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार का रुख जाना है।
नयी दिल्ली, पांच नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक प्रस्तावित कोविड देखभाल केंद्र के लिए बुनियादी ढांचा और चिकित्सा कर्मचारी उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार का रुख जाना है।
जेएनयू शिक्षक संघ और अन्य के वकील, जिन्होंने कोविड-19 से निपटने के लिए परिसर में चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर याचिका दाखिल की है, ने कहा कि हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने साबरमती छात्रावास में एक कोविड केन्द्र की स्थापना के लिए जगह निर्धारित की है, लेकिन डॉक्टर और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने दिल्ली सरकार के वकील को जेएनयू के कोविड केंद्र को कर्मचारी और अन्य सुविधाएं प्रदान करने पर जानकारी प्राप्त करने के लिए समय दिया और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 13 जनवरी, 2022 के लिए सूचीबद्ध किया।
न्यायाधीश ने 27 अक्टूबर को अपने आदेश में कहा, ‘‘प्रतिवादी नंबर 2 (दिल्ली सरकार) के वकील ने इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए समय दिये जाने का अनुरोध किया। इस अनुरोध पर, मामले को अगली सुनवाई के लिए 13.01.2022 के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।’’
अदालत ने 13 मई को निर्देश दिया था कि जेएनयू में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण वहां रहने वाले लोगों को तत्काल पृथक-वास में भेजने के लिए एक कोविड देखभाल केंद्र स्थापित किया जाए।
अदालत ने यह आदेश तब जारी किया था जब यह बताया गया कि एक कोविड कार्यबल और एक कोविड प्रतिक्रिया टीम पहले से ही परिसर के अंदर काम कर रही थी।
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