देश की खबरें | न्यायालय ने एम3एम के निदेशकों की याचिका पर केंद्र, ईडी को नोटिस जारी किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ रियल्टी समूह एम3एम के निदेशकों बसंत बंसल और पंकज बंसल की याचिका पर शुक्रवार को केंद्र और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा।

नयी दिल्ली, 11 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ रियल्टी समूह एम3एम के निदेशकों बसंत बंसल और पंकज बंसल की याचिका पर शुक्रवार को केंद्र और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा।

उच्च न्यायालय ने एक पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ कथित रिश्वत मामले से जुड़ी धन शोधन जांच में उन्हें जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया था। इस फैसले को उन्होंने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने केंद्र सरकार और ईडी को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा। बसंत और पंकज ने उच्च न्यायालय के 20 जुलाई के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है, जिसने यह कहते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी कि मामला काफी गंभीर प्रकृति का है।

बसंत और पंकज को पूर्व में कथित रिश्वत मामले से जुड़ी धन शोधन जांच के सिलसिले में ईडी ने गिरफ्तार किया था।

धन शोधन के जिस मामले में बसंत बंसल और पंकज बंसल को गिरफ्तार किया गया है, वह अप्रैल में हरियाणा पुलिस के भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) द्वारा ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मामलों के पूर्व विशेष न्यायाधीश सुधीर परमार, उनके भतीजे और एम3एम ग्रुप के एक अन्य निदेशक रूप कुमार बंसल के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी से संबंधित है। मामला उस वक्त का है जब परमार पंचकुला में पदस्थापित थे।

प्राथमिकी के अनुसार, ईडी को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि परमार आरोपी रूप कुमार बंसल, उनके भाई बसंत बंसल और रियल एस्टेट फर्म आईआरईओ के मालिक ललित गोयल के खिलाफ अपनी अदालत में ईडी और सीबीआई के लंबित मामलों में ‘तरफदारी’ कर रहे थे।

एसीबी केस दर्ज होने के बाद पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने परमार को निलंबित कर दिया था। ईडी ने कहा है कि उसने गिरफ्तारी से पहले प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों के संबंध में ‘‘बैंक स्टेटमेंट और धन के लेन-देन जैसे आपत्तिजनक साक्ष्य’’ एकत्र किए हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\