देश की खबरें | न्यायालय ने व्यापम घोटाले के 'व्हिसलब्लोअर' डॉक्टर को आपराधिक मामले में जमानत दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा के एक मामले में उस चिकित्सक को शुक्रवार को जमानत दे दी, जो सनसनीखेज व्यापम घोटाले में भंडा फोड़ करने वाला (व्हिसलब्लोअर) होने का दावा करता है।
नयी दिल्ली, 13 जनवरी उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित हिंसा के एक मामले में उस चिकित्सक को शुक्रवार को जमानत दे दी, जो सनसनीखेज व्यापम घोटाले में भंडा फोड़ करने वाला (व्हिसलब्लोअर) होने का दावा करता है।
प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तन्खा की इन दलीलों का संज्ञान लिया कि आरोपी नेत्र रोग विशेषज्ञ आनंद राय पिछले 60 दिनों से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत जेल में बंद हैं।
पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा, "यह आदमी एक नेत्र रोग विशेषज्ञ है। वह कहता है कि वह व्यापम घोटाले में व्हिसलब्लोअर भी है। आरोप यह है कि वह उस भीड़ का हिस्सा था, जिसने (जिला) कलेक्टर पर हमला किया था। आप उसे कब तक जेल में रखेंगे?"
पीठ ने इस तथ्य पर भी ध्यान दिया कि मामले में पुलिस द्वारा आरोप-पत्र दायर नहीं किया गया है और इसके बाद शीर्ष अदालत ने राय को जमानत दे दी। हालांकि न्यायालय ने कहा कि उनकी जमानत निचली अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन होगी।
मेहता ने कहा, "इस तथाकथित व्हिसलब्लोअर के सामने आने से पहले उसके खिलाफ चार-पांच प्राथमिकी दर्ज की गई थी।"
सिब्बल ने कहा कि आरोपी को उसकी न्यायिक हिरासत के दौरान एकांत कारावास में रखा गया था। हालांकि मेहता ने इन दलीलों का पुरजोर विरोध किया।
विधि अधिकारी ने कहा कि एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते राय को जमानत की शर्तों में से एक के रूप में इस तरह के धरने में भाग नहीं लेने का निर्देश दिया जाए।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद राय को 15 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत और उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
मध्य प्रदेश में रतलाम जिले के विकास पारगी ने एक विरोध प्रदर्शन के संबंध में राय और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की स्मृति में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने गये स्थानीय सांसद, कुछ विधायकों और कलेक्टर के काफिले पर कथित रूप से पथराव किया गया था।
प्राथमिकी में कहा गया है कि इस घटना में जिलाधिकारी के एक सुरक्षाकर्मी को चोटें आई थीं।
इससे पहले, राय ने मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले का खुलासा करने में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जिसकी बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच की थी।
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