नयी दिल्ली, 11 दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली वक्फ बोर्ड धन शोधन मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों को जमानत दे दी। न्यायालय ने उनके लंबे समय से जेल में रहने तथा निकट भविष्य में मुकदमा शुरू होने की संभावना नहीं होने को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया।
न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि जीशान हैदर और दाउद नासिर 11 नवंबर, 2023 को गिरफ्तारी के बाद से जेल में हैं और उनके खिलाफ अब तक आरोप भी तय नहीं किए गए हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘अपीलकर्ता लगभग एक वर्ष और एक महीने से हिरासत में हैं। पीएमएलए (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत दायर शिकायत में आरोप तय नहीं किए गए हैं। शिकायत में 29 गवाहों का हवाला दिया गया है और लगभग 50 दस्तावेजों का जिक्र किया गया है जो 4,000 से अधिक पृष्ठों में हैं।’’
शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘अब तक आरोप भी तय नहीं किए गए हैं, इसलिए मुकदमा जल्द शुरू होने की संभावना नहीं है। मामले के तथ्यों और अपीलकर्ताओं के हलफनामों एवं सेंथिल बालाजी के मामले में इस न्यायालय के फैसले के मद्देनजर... अपीलकर्ताओं को जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।’’
इसके बाद पीठ ने दोनों आरोपियों को जमानत की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एक सप्ताह के भीतर विशेष अदालत के समक्ष पेश करने और उचित शर्तों पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया, जिसमें शीर्ष अदालत में दायर किए गए हलफनामों का अनुपालन भी शामिल है।
पीठ ने कहा कि अपीलकर्ताओं द्वारा उसके समक्ष दायर छह दिसंबर और नौ दिसंबर, 2024 के हलफनामा रिकॉर्ड का हिस्सा होंगे और उनका अनुपालन जमानत की शर्त होगी।
पीठ ने कहा, ‘‘अगर अपीलकर्ताओं की ओर से किसी कृत्य या चूक के कारण शिकायत की सुनवाई में देरी होती है, तो प्रतिवादी (ईडी) के लिए विशेष अदालत के समक्ष जमानत रद्द करने का आवेदन करने का मार्ग खुला होगा।’’
दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी (आप) विधायक अमानतुल्लाह खान इस मामले में मुख्य आरोपी थे और हाल में उन्हें निचली अदालत से राहत मिली थी, जिसने उनके खिलाफ दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था। ईडी ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की है।
हैदर और नासिर को ईडी ने नवंबर 2023 में दिल्ली वक्फ बोर्ड की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया था।
यह मामला दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज कई शिकायतों और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी से सामने आया है।
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