अदालत ने आप सरकार को डीएमसी अध्यक्ष को हटाने पर निर्णय के लिये दो हफ्ते का वक्त दिया
न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्णय करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया क्योंकि उपराज्यपाल अनिल बैजल के 30 अप्रैल के पत्र पर दिल्ली सरकार के प्रशासनिक विभाग ने खान के खिलाफ डीएमसी कानून की धारा चार के तहत अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
नयी दिल्ली, 21 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने आम आदमी पार्टी की सरकार को बृहस्पतिवार को दो हफ्ते का समय दिया कि उपराज्यपाल के 30 अप्रैल के निर्देश के मुताबिक दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग (डीएमसी) के अध्यक्ष जफरूल इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई करने पर निर्णय ले। उन पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने के आरोप हैं।
न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्णय करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया क्योंकि उपराज्यपाल अनिल बैजल के 30 अप्रैल के पत्र पर दिल्ली सरकार के प्रशासनिक विभाग ने खान के खिलाफ डीएमसी कानून की धारा चार के तहत अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
इस धारा के तहत डीएमसी अध्यक्ष को उचित सुनवाई का मौका देने के बाद उन्हें हटाए जाने का प्रावधान है।
सामाजिक कार्यकर्ता विक्रम गहलोत की याचिका पर उच्च न्यायालय का यह आदेश आया है। गहलोत ने डीएमसी कानून की वैधानिकता को चुनौती दी है और खान को हटाए जाने की मांग की है।
गहलोत के वकील धनंजय जैन ने कहा कि अदालत ने केंद्र, दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के कार्यालय को नोटिस जारी कर याचिका पर उनसे रूख स्पष्ट करने को कहा और मामले में अगली सुनवाई की तारीख 22 जून तय की।
दिल्ली सरकार के वकील अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि पीठ ने डीएमसी कानून की वैधानिकता को चुनौती देने के मामले में नोटिस जारी किया है।
उन्होंने कहा कि खान को पद से हटाए जाने के बारे में अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्णय करने के लिए दो हफ्ते का वक्त दिया है।
अदालत के विस्तृत फैसले की प्रतीक्षा है। सुनवाई वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई।
नीरज
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