देश की खबरें | अदालत ने शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब देने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. यहां की एक अदालत ने छात्र नेता शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। शरजील को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के सिलसिले में राजद्रोह और अन्य आरोपों में जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था।

नयी दिल्ली, 29 अगस्त यहां की एक अदालत ने छात्र नेता शरजील इमाम की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। शरजील को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के सिलसिले में राजद्रोह और अन्य आरोपों में जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था।

याचिका में दलील दी गई है कि राजद्रोह संबंधी आरोप की सुनवाई पर रोक है और इमाम के खिलाफ शेष तीन आरोपों में भारतीय दंड संहिता (भादंसं) के तहत अधिकतम पांच साल तक की कैद का प्रावधान है और वह इस दौरान आधे से अधिक समय तक हिरासत में रह चुके हैं।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने पिछले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और मामले में अगली सुनवाई के लिए 11 सितंबर की तारीख तय की।

विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने कहा कि वह दायर जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल करेंगे।

इमाम के वकील अहमद इब्राहिम द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि आरोपी 28 जनवरी, 2020 से हिरासत में है और तीन साल छह महीने से अधिक समय जेल में काट चुका है।

याचिका में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्देशों के आलोक में भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (राजद्रोह) के मुख्य अपराध के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा मुकदमे की सुनवाई पर रोक लगाने के बाद, भादंसं की धाराओं 153 ए, 153 बी, 505 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून की धारा 13 के तहत अपराध ही शेष रह गए हैं।

भादंसं की धारा 153ए विभिन्न समूहों के बीच धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, आदि के आधार पर कटुता को बढ़ावा देने के अपराध से संबंधित है, जबकि धारा 153बी राष्ट्रीय एकता के लिए नुकसानदेह आरोपों और दावों से संबंधित है। धारा 505 सार्वजनिक शरारत वाले बयानों से संबंधित है। इन अपराधों में अधिकतम पांच साल तक की कैद का प्रावधान है।

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