बेंगलुरु, पांच अगस्त जनता दल (एस) नेता एच.डी.कुमारस्वामी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर अपना हमला जारी रखते हुए शनिवार को दावा किया कि अधिकारियों के ‘स्थानांतरण-तबादला कारोबार’ में एक हजार करोड़ से अधिक का भ्रष्टाचार हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि वह बेंगलुरु-मैसुरु इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (बीएमआईसी) परियोजना, जिसके प्रवर्तक नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर इंटरप्राइसेज (एनआईसीई)हैं, में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े सभी दस्तावेज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को व्यक्तिगत रूप से देंगे।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘इसकी (राशि की) गणना नहीं की जा सकती है। एक सत्र में सभी विभागों में (भ्रष्टाचार)एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। इसकी कोई गिनती नहीं है। एक ही पद के लिए तीन से चार स्थानांतरण आदेश जारी किए जाते हैं। यह मामला ऐसा है जिसमें पैसा भी चला जाता है और कई (अधिकारियों का) का पैसा देने के बाद भी पोस्टिंग नहीं होती। मैं अकेले नहीं कह रहा बल्कि अधिकारी खुलेआम कह रहे हैं।’’
उन्होंने दावा किया,‘‘मंत्री, जिसके पास धन की कोई कमी नहीं है, वह भी विभाग में तैनाती के लिए 10 से 15 लाख रुपये मांग रहा है। यह सुनकर मैं स्तब्ध हूं।’’
कुमारस्वामी ने एक सवाल के जवाब में यह टिप्पणी की। उनसे पूछा गया था कि राज्य के सभी विभागों में स्थानांतरण और पोस्टिंग का स्तर इस समय क्या है।
जब कुमारस्वामी से पूछा गया कि वह एनआईसीई मुद्दे पर कब प्रधानमंत्री से मिलेंगे तो उन्होंने कहा, ‘‘ मैं उनसे समय मांगा है। गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े कई दस्तावेज और सबूत हैं मैं उन्हें सौंपने के लिए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से समय मांगा है।’’
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