विदेश की खबरें | इंग्लैंड में कोरोना वायरस के मामले रिकॉर्ड नये स्तर पर : अध्ययन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. इंग्लैंड में कोरोना वायरस के मामले रिकॉर्ड नये स्तर पर पहुंच गए हैं। पिछले महीने कोविड-19 का पता लगाने के लिए की गयी जांच में हर 16 में से एक व्यक्ति यानी 6.37 प्रतिशत की दर से लोग संक्रमित पाए गए। यह दर फरवरी में दर्ज की गई संक्रमण की दर की दोगुनी है। फरवरी में हर 35 व्यक्ति की जांच में एक व्यक्ति को कोविड संक्रमित पाया गया था। एक नये अध्ययन से यह जानकारी मिली है।

लंदन, सात अप्रैल इंग्लैंड में कोरोना वायरस के मामले रिकॉर्ड नये स्तर पर पहुंच गए हैं। पिछले महीने कोविड-19 का पता लगाने के लिए की गयी जांच में हर 16 में से एक व्यक्ति यानी 6.37 प्रतिशत की दर से लोग संक्रमित पाए गए। यह दर फरवरी में दर्ज की गई संक्रमण की दर की दोगुनी है। फरवरी में हर 35 व्यक्ति की जांच में एक व्यक्ति को कोविड संक्रमित पाया गया था। एक नये अध्ययन से यह जानकारी मिली है।

ब्रिटेन में इम्पीरियल कॉलेज लंदन ने लंबे समय से ‘रियल-टाइम असेसमेंट ऑफ कम्युनिटी ट्रांसमिशन (रिएक्ट-1) के विश्लेषण में पाया गया कि संक्रमण की दर हर 30 दिनों में दोगुनी है।

अध्ययन के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण के ज्यादातर मामले ओमीक्रोन के बीए.2 ‘‘स्टील्थ वैरिएंट’’ के आए। बुधवार को जारी किया गया यह अध्ययन आठ और 31 मार्च के बीच लार के तकरीबन 1,10,000 नमूनों पर आधारित है।

इम्पीरियल्स स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के रिएक्ट कार्यक्रम के निदेशक प्रोफेसर पॉल एलियट ने कहा, ‘‘जब इतनी अधिक संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं तो ये प्रवृत्ति चिंताजनक है, इससे और अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ सकते हैं और उन्हें अस्पताल जाने की आवश्यकता हो सकती है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, पाबंदियां खत्म हो चुकी है लेकिन मैं लोगों से उन अन्य लोगों की रक्षा करने के लिए सावधानीपूर्वक बर्ताव करने का अनुरोध करूंगा, जो संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील हैं और अगर आपमें बीमारी के लक्षण दिखायी देते हैं तो आप अन्य लोगों के संपर्क में आने से बचें। इससे वायरस का प्रसार कम करने में मदद मिलेगी।’’

अध्ययन के दौरान ओमीक्रोन के बेहद कम संख्या में स्वरूप एक्सई और एक्सएल भी सामने आए, जो ओमीक्रोन के मूल बीए.1 और बीए.2 स्वरूप के मिश्रण हैं।

पिछले आंकड़ों की तुलना करने से पता चलता है कि सभी आयु वर्ग में संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं और प्राथमिक स्कूल जाने वाले बच्चों में सबसे अधिक हैं। पांच से 11 साल का हर 10 बच्चों में से एक संक्रमित पाया जा रहा है।

बहरहाल, हाल की प्रवृत्तियों से पता चलता है कि नए संक्रमण की दर पांच से 54 वर्ष की आयु में कम हो रही है।

अनुसंधानकर्ताओ ने कहा कि ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने पिछले साल सितंबर में बूस्टर टीके लगाने शुरू किए थे। बुजुर्ग लोगों के मुकाबले युवाओं को टीके की तीसरी खुराक हाल में मिली है।

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