लंदन, 14 अक्टूबर कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कुछ मरीजों में स्थायी रूप से अचानक बहरेपन की समस्या पैदा होने की बात सामने आई है।
ब्रिटेन में इस संबंध में किए गए एक अध्ययन में यह बताया गया है। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बहरे होने वाले लोगों की संख्या बहुत कम है।
ब्रिटेन में ‘यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन’ के विशेषज्ञों समेत वैज्ञानिकों के अनुसार, इस संक्रमण के कारण बहरेपन की समस्या पैदा होने को लेकर जागरुकता बहुत जरूरी है, क्योंकि स्टेरॉयड के जरिए उचित उपचार से इस समस्या को दूर किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इसका कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन फ्लू जैसे वायरल संक्रमण के बाद भी इसी प्रकार की समस्या होती है।
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‘बीएमजे केस रिपोर्ट्स’ पत्रिका में प्रकाशित अनुसंधान में 45 वर्षीय एक ऐसे व्यक्ति का जिक्र किया गया है, जो अस्थमा का मरीज है। कोरोना वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित होने के बाद अचानक उसकी श्रवण क्षमता नष्ट हो गई।
इस व्यक्ति को संक्रमण से पहले श्रवण संबंधी कोई अन्य समस्या नहीं थी। व्यक्ति को स्टेरॉयड की गोलियां और टीके लगाए गए, जिसके बाद उसकी श्रवण क्षमता आंशिक रूप से लौट गई।
अनुसंधानकर्ताओं ने एक अध्ययन में कहा, ‘‘बड़ी संख्या में लोगों के संक्रमित होने के कारण बहरेपन की समस्या को लेकर और अनुसंधान करने की आवश्यकता है, ताकि इस समस्या का पता लगाकर उसका उपचार किया जा सके।’’
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