गुवाहाटी/ईटानगर, 24 अगस्त विपक्षी कांग्रेस ने गुवाहाटी हवाई अड्डे को 50 साल के लिए अडानी इंटरप्राइजेज को पट्टे पर देकर इसका निजीकरण करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
हवाई अड्डा प्राधिकरण कर्मचारी संघ (एएईयू) भी गुवाहाटी, जयपुर और तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डों का निजीकरण करने के केंद्र के फैसले के खिलाफ 19 अगस्त से ही हर दिन प्रदर्शन कर रहा है।
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा, ‘‘कांग्रेस 2018 से ही विरोध कर रही है जब भाजपा सरकार ने हवाई अड्डों के निजीकरण का फैसला किया था। कुछ लोगों ने अदालत में जनहित याचिकाएं भी दायर की हैं, लेकिन फैसले का इंतजार नहीं किया गया और सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में इसका निजीकरण करने का फैसला कर लिया।’’
उन्होंने कहा कि हवाई अड्डा असम के पहले मुख्यमंत्री गोपीनाथ बोरदोलोई के नाम पर है और यह राज्य के लोगों के लिए यह भावनात्मक मुद्दा है।
राज्यसभा सदस्य बोरा ने कहा, ‘‘हम नहीं चाहते कि यह अडानी समूह जैसे उद्यमियों के हाथ में जाए। फैसला पलटे जाने तक हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे ।’’
एएईयू के सदस्यों ने भी हवाई अड्डा का निजीकरण करने के फैसले को पलटने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया ।
पूर्वोत्तर कांग्रेस समन्वय समिति (एनईसीसी) के महासचिव पाडी रिचो ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के इकलौते अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निजीकरण करने का फैसला भाजपा सरकार की अक्षमता को दिखाता है ।
सत्तारूढ़ भाजपा ने कहा है कि निजीकरण की कवायद से सेवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी और वैश्विक मानक अपनाए जाएंगे ।
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