नयी दिल्ली, 29 नवंबर कांग्रेस की महिला पार्षदों ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की बैठक के दौरान उनके खिलाफ कथित तौर पर की गई कुछ अभद्र टिप्पणियों को लेकर दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय के कार्यालय के बाहर बुधवार को धरना दिया।
पार्षदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के एक पार्षद ने उनसे पूछा कि बैठक के दौरान सार्वजनिक मुद्दे उठाने पर क्या वे ‘‘पैसे’’ लेती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी व्यक्ति ने अभद्र तरीके से उनसे कहा कि अगर वे मुद्दों का समाधान चाहती हैं तो वे उनके पास आएं।
विरोध कर रही महिला प्रदर्शनकारियों ने पार्षद से माफी मांगने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक महापौर उनसे नहीं मिलेंगी, वे पीछे नहीं हटेंगी।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे महापौर के सामने यह मुद्दा उठाने गईं तो उनके स्टाफ और ‘आप’ पार्षदों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
महिला पार्षदों ने टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए सदन की रिकॉर्डिंग की जांच करने की मांग की है।
इससे पहले दिन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस पार्षदों ने स्थायी समिति का गठन न होने और गृहकर में वृद्धि को लेकर बुधवार को विरोध प्रदर्शन कर एमसीडी की बैठक को बाधित किया।
विपक्षी पार्षदों की नारेबाजी के बीच अपराह्न दो बजकर 19 मिनट पर सदन की बैठक शुरू हुई।
कांग्रेस पार्षदों ने आम आदमी पार्टी (आप) के खिलाफ नारे लगाये। उन्होंने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर ‘‘स्थायी समिति का गठन करो’’ और ‘‘गृहकर वापस लो’’ जैसी मांगें लिखी हुई थीं।
भाजपा के पार्षदों ने दिल्ली में कुत्तों से खतरे का मुद्दा उठाया और शहर में कुत्तों के काटने की घटनाओं के संबंध में आंकड़े जारी करने की मांग की।
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