देश की खबरें | कांग्रेस ने ‘संप्रभुता’ संबंधी भाजपा के आरोप को झूठा बताया, प्रधानमंत्री के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस ने सोमवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह पुलिस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस ‘फर्जी बयान’ के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘कांग्रेस कर्नाटक को भारत से अलग करने का प्रयास कर रही है।’’
नयी दिल्ली/बेंगलुरू, आठ मई कांग्रेस ने सोमवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह पुलिस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस ‘फर्जी बयान’ के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘कांग्रेस कर्नाटक को भारत से अलग करने का प्रयास कर रही है।’’
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ए एन नटराज गौड़ा और विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख संजय यादव और कुछ अन्य नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित प्रतिवेदन निर्वाचन आयोग के समक्ष दिया गया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री की ओर से यह बयान गैरजिम्मेदारी के साथ दिया गया।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर करारा हमला करते हुए उस पर कर्नाटक को भारत से अलग करने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि जब देश हित के खिलाफ काम करने की बात आती है, तो उसका ‘शाही परिवार’ सबसे आगे रहता है।
उधर, कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिये प्रचार के दौरान सोनिया गांधी की जनसभा में ‘संप्रभुता’ शब्द का उपयोग किए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हमले पर कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सत्तारूढ़ पार्टी की हताशा को दिखाता है, जो किसी भी तरह चुनावी विमर्श को अपने पक्ष में करने के लिए प्रयासरत हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा का आरोप ‘फर्जी और झूठा’ है और उसने कर्नाटक के स्वाभिमान पर आघात किया है।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की हताशा स्पष्ट है, क्योंकि वे कर्नाटक के विमर्श को अपने पक्ष में करने के लिए तिनके का सहारा लेने की कोशिश में हैं। हम प्रधानमंत्री की ओर से आगे बढ़ाए जा रहे इस फर्जीवाड़े और झूठ को खारिज करते हैं। प्रधानमंत्री इस सवाल का जवाब नहीं दे पाए कि भाजपा कर्नाटक के स्वाभिमान पर चोट क्यों कर रही है।’’
सुरजेवाला ने कहा कि प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए कि महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना सरकार ने कर्नाटक के 865 गांवों में अपनी योजनाएं क्यों लागू कर दीं?
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या यह संघवाद का खुला उल्लंघन नहीं है? कर्नाटक के युवाओं को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की परीक्षा कन्नड़ में देने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है? मोदी सरकार ने गणतंत्र दिवस परेड में नारायण गुरु की झांकी की अनुमति क्यों नहीं दी?’’
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