कांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह और विपक्ष की नेता इंदिरा ह्रदयेश ने यहां जारी एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘ऐसे समय में जब राज्य सरकार को हर वर्ग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक कदम उठाने चाहिए, वह पूरी तरह लकवाग्रस्त दिखायी दे रही है। हर मामले में लोगों को सरकार से कार्रवाई कराने के लिये उत्तराखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।’’

जमात

देहरादून, 23 अप्रैल लॉकडाउन के बीच कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड सरकार पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया और कहा कि हर मामले में लोगों को उत्तराखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह और विपक्ष की नेता इंदिरा ह्रदयेश ने यहां जारी एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘ऐसे समय में जब राज्य सरकार को हर वर्ग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक कदम उठाने चाहिए, वह पूरी तरह लकवाग्रस्त दिखायी दे रही है। हर मामले में लोगों को सरकार से कार्रवाई कराने के लिये उत्तराखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।’’

उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह में जनहित के तीन महत्वपूर्ण मामलों में उच्च न्यायालय को आदेश जारी कर सरकार को कार्रवाई के लिए कहना पड़ा।

नेताओं ने कहा कि पहले मामले में उच्च न्यायालय को राज्य सरकार को कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर रहे अस्पतालों में पर्याप्त वेंटिलेटर की व्यवस्था करने के निर्देश देने पड़े जबकि दूसरे मामले में उच्च् न्यायालय ने राज्य सरकार को गन्ना और गेहूं उत्पादकों के बकाये के भुगतान के लिए 48 घंटे का समय दिया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि तीसरे मामले में उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य सरकार से कहा कि या तो वह भेाजन माताओं और आंगनवाडी कार्यकत्रियों को महीनों से रूके पड़े मानदेय का 48 घंटे के भीतर भुगतान करे या भुगतान में देरी का कारण स्पष्ट करे।

उन्होंने कहा कि करीब 20,000 लोग उत्तराखंड में अपने गांव में लौटना चाहते हैं लेकिन सरकार अब तक इस गंभीर मामले में हाथ पर हाथ रख कर बैठी है।

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