जरुरी जानकारी | कंपनियां कच्चे माल की ऊंची लागत से परेशान : सर्वे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बीच कंपनियों को कच्चे माल की ऊंची लागत की समस्या से जूझना पड़ रहा है। देश के कई हिस्सों में अंकुशों की वजह से आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आई है और साथ ही अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई ने सोमवार को यह बात कही।
नयी दिल्ली, सात जून कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बीच कंपनियों को कच्चे माल की ऊंची लागत की समस्या से जूझना पड़ रहा है। देश के कई हिस्सों में अंकुशों की वजह से आपूर्ति श्रृंखला में बाधा आई है और साथ ही अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार की रफ्तार भी प्रभावित हुई है। उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई ने सोमवार को यह बात कही।
पीएचडीसीसीआई ने एक सर्वे में कहा कि आगे चलकर महामारी की दूसरी लहर से प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए एक बड़े प्रोत्साहन की जरूरत होगी।
यह सर्वे 34 क्षेत्रों में किया गया। सर्वे में शामिल 73 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे कच्चे माल की बढ़ती लागत की वजह से दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। देश के कई हिस्सों में अंकुशों की वजह से आर्थिक पुनरुद्धार प्रभावित हुआ है। साथ ही इससे आपूर्ति श्रृंखला में अड़चनें भी आई हैं।
सर्वे के अनुसार, कंपनियों के समक्ष जो अन्य चुनौतियां आ रही हैं उनमें कार्यशील पूंजी की उपलब्धता, मूल्य-लागत मार्जिन/मुनाफे को कायम रखना, कमजोर मांग, पूरे श्रमबल को कायम रखना, वेतन और ऋण का भुगतान शामिल हैं।
सर्वे में कहा गया है कि कंपनियां महत्वपूर्ण रणनीतिक योजना के तहत अपने कर्मचारियों के टीकाकरण को प्राथमिकता दे रही हैं।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस 2.0 की वजह से देश में लागू अंकुशों से उद्योग के लिए मुश्किलें पैदा हुई हैं। दफ्तर और दुकानें बंद होने से समूची आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
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